maji

मेघालय हाई कोर्ट के जस्टिस एसआर सेन द्वारा पीआरसी (स्थायी निवासी प्रमाणपत्र) को लेकर एक मामले की सुनवाई के दौरान राजनैतिक टिप्पणी करने के मामले में अब उनके इस्तीफे की मांग उठने लगी है। एनसीपी नेता माजिद मेमन ने कहा कि संविधान की शपथ लेने वाले ऐसे जज को इस्तीफा दे देना चाहिए।

मेमन ने आजतक से बातचीत में कहा कि विभाजन के वक्त क्या हालात थे। यह बात जस्टिस महोदय को जानना चाहिए। लगता है कि उन्होंने इतिहास पढ़ा ही नहीं है। विभाजन के समय मुसलमानों की जो घनी आबादी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग वो जिन्ना की अगुवाई में पाकिस्तान जाकर बस गए। जो करोड़ों की तादात में मुसलमान उस वक्त पाकिस्तान नहीं गए उसकी सिर्फ यही वजह थी कि भारत एक सेकुलर मुल्क और सेकुलर संविधान के तहत चलने वाला था।

Loading...

उन्होंने कहा कि इस तरीके की जस्टिस सेन को बातें नहीं करनी चाहिए। मुझे बहुत दुख होता है किसी जज का माइंडसेट इस तरीके का है. उन्होंने संविधान की शपथ ली है संविधान की शपथ लेने वाले जज को इस्तीफा देना चाहिए।

meghalaya hc judge 759

बता दें कि न्यायमूर्ति सेन ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि किसी को भी भारत को दूसरा इस्लामिक देश बनाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। न्यायाधीश ने फैसले कहा कि उनका विश्वास मोदी में है कि वह भारत को दूसरा इस्लामिक देश बनने से बचाएंगे। उन्होंने मोदी से यह भी आग्रह किया कि पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान में रह रहे गैर मुस्लिमों को भारत आने की अनुमति व यहां की नागरिकता पाने के लिए कानून बनाएं।

जस्टिस सेन ने ये भी कहा  कि किसी को भी भारत को दूसरा इस्लामिक देश बनाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। अगर ऐसा होता है तो भारत और दुनिया के लिए यह सबसे खराब दिन होगा। उन्हें विश्वास है कि पीएम मोदी की सरकार इस चीज को समझेगी। जब तक किसी को राज्य में रहने का मन है तब तक उसे पीआरसी के लिए आवेदन करने का हक है।

शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें