ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख और हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने देश के मौजूदा सियासी हाल पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इजनेऊधारी और भगवाधारियों का इलीट क्लब बन चूका है. जिसमे न तो मुस्लिम शामिल है और नहीं दलित.

एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में ओवैसी ने कहा कि मैं डर की सियासत नहीं करता, मैं उम्मीद की राजनीति करता हूँ. डर की राजनीति सिर्फ वही कर सकता है जिसके पास हुकूमत होती है. उन्होंने कहा, मैं मुसलमानों का नेता नहीं बन रहा हूँ. लेकिन सरकार और जनता के बीच जो खालीपन है उसे भरना जरुरी है..

अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर ओवैसी ने कहा कि मुस्लिमों पर हमले होते है, सरकार सख्त कार्यवाही नहीं करती. इससे उन लोगो में डर का सन्देश जाता है जो देश के लिए अच्छा नहीं है. ट्रिपल तलाक के मुद्दें पर ओवैसी ने कहा कि पद्मावती जैसी एक मामूली फिल्म की रिलीज रोक दी जाती है, लेकिन सरकार ने कभी बैठक बुलाकर गाय या ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दों पर चर्चा नहीं की.

उन्होंने कहा, अभी ट्रिपल तलाक की बात कर रहे हैं. बाद में तलाक के बाकी तरीकों पर भी रोक लगाने की कोशिश करेंगे. ट्रिपल तलाक का अपराधीकरण नहीं होना चाहिए, लेकिन सिर्फ 3 साल की सजा का सवाल नहीं है, हमें ट्रिपल तलाक पर कानून ही स्वीकार नहीं है. यूनीफॉर्म सिविल कोड किसी हाल में लागू नहीं होगा.

शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी पर को जोकर करार देते हुए ओवैसी ने कहा, “वह जोकर है. केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर झूठे हैं और बाबर का कथित वंशज याकूब हबीबुद्दीन तूसी जैसे लोग कीड़े-मकोड़े की तरह हैं.”

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