मुंबई: महाराष्ट्र के अहमदनगर नगर निगम में महापौर के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने वाले 18 नवनिर्वाचित पार्षदों को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने पार्टी से निकाल दिया है। पार्टी के अहमदनगर जिला प्रमुख को भी उनके पद से हटा दिया गया है।

पिछले महीने एनसीपी के 18 पार्षदों ने भाजपा के महापौर पद के उम्मीदवार बाबासाहेब वकाले के पक्ष में मतदान किया था, जिसके कारण 68 सदस्यीय अहमदनगर नगर निगम में महज 14 पार्षद होने के बावजूद भाजपा यह चुनाव जीत गई। नगर निगम का चुनाव 10 दिसंबर को हुआ था। नगर निगम में शिवसेना के सर्वाधिक 24 पार्षद थे।

प्रदेश एनसीपी अध्यक्ष जयंत पाटिल ने शनिवार को बताया कि अहमदनगर में महापौर के चुनाव में इन 18 पार्षदों ने पार्टी के विप का उल्लंघन किया था।  उन्होंने कहा, ‘उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करके, इसकी वजह बताने को कहा गया। हालांकि उन्होंने नोटिस का जवाब नहीं दिया। इसलिए इन पार्षदों को पार्टी से निकाल दिया गया।

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अहमदनगर जिले के एनसीपी प्रमुख माणिकराव विधाते को उनके पद से हटा दिया गया है क्योंकि वह प्रदेश पार्टी नेतृत्व को पार्टी विरोधी गतिविधियों के बारे में बताने में नाकाम रहे। विधाते ने भी कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं दिया है।’

एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा, ‘यह सच है कि इस (पार्टी से निकाले जाने के) फैसले के कारण पार्टी की नगर निगम में कोई मौजूदगी नहीं रहेगी लेकिन कोई भी पार्टी के विप का उल्लंघन करके अपनी मनमानी नहीं कर सकता। इस संबंध में हमें कड़ी कार्रवाई करनी पड़ी।’ इ

ससे पहले एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा था कि इस घटनाक्रम को उन्होंने गंभीरता से लिया है। उन्होंने इस संबंध में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया था। 

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