श्रीनगर | सोमवार को पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने पूर्व भारतीय नौसैनिक कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान के खिलाफ विध्वंसकारी नीतिया बनाने और जासूसी के आरोप में फांसी की सजा सुनाई. पाकिस्तान के इस कदम की निंदा करते हुए भारत ने कहा की जाधव के जासूस होने का पाकिस्तान के पास कोई सबूत नही है. इसलिए उसको सुनवाई गयी सजा गलत है और हम इसकी निंदा करते है.

कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाने का मुद्दा आज संसद में भी उठा. इस दौरान कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने इस बात पर सहमती जताई की पाकिस्तान पर दबाव बनाकर कुलभूषण की फांसी की सजा को खत्म कराया जाए. इस पर सुषमा स्वराज ने सदन को आश्वस्त किया की वो आउट ऑफ़ थे वे जाकर भी कुलभूषण को बचाएंगी. सुश्म्मा ने पाकिस्तान को फटकार लगाते हुए कहा की अगर जाधव को फांसी दी गयी तो यह सुनियोजित हत्या मानी जाएगी.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

हालाँकि पूरा देश कुलभूषण के साथ खड़ा हुआ है लेकिन अभी भी कुछ ऐसे तत्व देश में मौजूद है जो पाकिस्तान के कदम का समर्थन कर रहे है. फारुख अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कांफ्रेंस ने कुलभूषण को फांसी दिए जाने का समर्थन करते हुए कहा की पाकिस्तान ने अपने कानून का पालन किया है. इसलिए इस पर हायतौबा मचाना ठीक नही है. एनसी के वरिष्ठ नेता मुस्तफा कमाल ने उक्त बाते कही.

उन्होंने मंगलवार पत्रकारों से बात करते हुए कहा ,’ पाकिस्तान ने तो कानून का पालन किया है, सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के नाते भारत द्वारा पाकिस्तान पर ऊँगली उठाना ठीक नही है.’ हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नही हुआ है की यह एनसी पार्टी का मत है या केवल मुस्तफा कमाल की निजी राय है. हालाँकि एनसी प्रमुख फारुख अब्दुल्ला पहले भी पाकिस्तान के समर्थन में बाते कर चुके है. इसलिए माना जा सकता है की उनकी पार्टी का भी यह मत हो सकता है.

Loading...