अमृतसर: दशहरा पर्व वाले दिन स्थानीय जौड़ा रेलवे फाटक पर हुए हादसे को लेकर स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि अमृतसर रेल हादसे में जितने भी बच्चे अनाथ हुए हैं उन सभी को वह खुद तथा उनकी पत्नी गोद (अडॉप्ट) लेते हैं।

उन्होंने कहा कि ये सभी बच्चे अनाथ नहीं कहलाएंगे, बल्कि जब तक वह जीवित हैं, तब तक इन बच्चों की परवरिश के साथ-साथ उनकी पढ़ाई-लिखाई का सारा खर्च करेंगे। सिद्धू ने कहा कि अपने जीवित रहते हुए वह इन परिवारों के घरों के चूल्हे भी कभी बुझने नहीं देंगे।

उन्होंने कहा, “मैं अमृतसर में मरने वालों के परिवार का ताउम्र खयाल रखूंगा। मैं उनकी पढ़ाई से लेकर नौकरी तक का जिम्मा उठाउंगा। ये मेरा सब से वादा है।” प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सिद्धू ने वचन देते हुए कहा, “जितने बच्चे अनाथ हुए हैं, मैं उन्हें गोद लेता हूं. जितने भी लोग पीड़ित हैं। मैं उनका पालन-पोषण करूंगा। बच्चो की पढ़ाई का सारा खर्च सिद्धू परिवार उठाएगा। सभी के घरों में चूल्हा जलेगा।”

बता दें कि सिद्धू ने सोमवार शाम को अमृतसर हादसे में मा’रे गए लोगों के परिजनों को पंजाब सरकार की तरफ से दी गई पांच लाख रुपयों की सांत्वना राशि का चेक भी बांटा है। इस दौरान सिद्धू ने उन लोगों को गले लगा कर उनके साथ अपनी सांत्वना भी साझा की।

वहीं दूसरी और बिहार के मुजफ्फरपुर की एक अदालत में पंसिद्धू की पत्नी नवजोत कौर के खिलाफ सोमवार को एक परिवादपत्र दायर किया गया। यह मुकदमा अमृतसर में दशहरा के अवसर पर रावण दहन के दौरान ट्रेन की चपेट में आने से 61 लोगों की मौ’त और 70 लोगों के घाय;ल होने के मामले में दायर किया गया है।

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