Tuesday, September 28, 2021

 

 

 

तीन तलाक बिल पर चर्चा के दौरान नकवी ने कहा – फतवों की दुकानें बंद किए जाने की जरूरत

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केंद्र की मोदी सरकार की और से तीन तलाक (Triple Talaq) को पूरी तरह से खत्म करने को लेकर लाये गए बिल ‘मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक-2018’ पर आज लोकसभा में चर्चा जारी है। कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दलों ने बिल को ज्वाइंट सेलेक्ट कमेटी में भेजने की मांग की हैं जबकि सरकार का कहना है कि पहले ही विपक्ष के सुझावों को बिल में शामिल कर लिया गया है। 

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बिल को पेश करते हुए कहा कि इस मामले को मानवीयता के दृष्टिकोण से देखें, न कि राजनीतिक चश्मे से। उन्होंने कहा कि जनवरी 2017 से लेकर 10 दिसंबर तक देशभर में 177 ट्रिपल तलाक के मामले सामने आए।

वहीं केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने चर्चा के दौरान कहा कि ट्रिपल तलाक बिल किसी के खिलाफ नहीं, ये गलतियां दूर करने का ऐतिहासिक मौका है। नकवी ने कहा कि सती प्रथा के बारे में जब बात हुई, तब भी लोगों ने इसका विरोध किया था। कहा गया कि यह धार्मिक मसला है। मगर, इसे खत्म कर दिया गया। बाल विवाह जैसी कुरीति को भी खत्म किया गया। इसी तरह से ट्रिपल तलाक को भी खत्म किया जाना चाहिए। नकवी ने कहा कि जो फतवों की दुकानें खोल रखी हैं उन्हें बंद किए जाने की जरूरत है क्योंकि देश कानून से चलता है.

भाजपा की मीनाक्षी लेखी ने विधेयक को नरेंद्र मोदी सरकार का ऐतिहासिक कदम करार देते हुए कहा कि तीन तलाक को उच्चतम न्यायालय ने असंवैधानिक बताया और इस प्रथा का कुरान में कहीं उल्लेख नहीं है। 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की तुष्टीकरण की राजनीति के कारण यह प्रथा अब तक चलती आई है जिसका खामियाजा मुस्लिम महिलाओं को भुगतना पड़ा है। भाजपा सांसद ने कहा कि कई इस्लामी देशों में तीन तलाक में खत्म किया जा चुका है, लेकिन भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश में चल रहा है। मीनाक्षी लेखी ने कहा कि अगर कांग्रेस ने 30 साल पहले कदम उठाती तो उसी वक्त इतिहास बदल जाता। 

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में महिलाओं के लिए कई कदम उठाए हैं और यह भी मुस्लिम महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए उठाया गया है। 

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