सीबीआई में मचे घमासान को लेकर मोदी सरकार पर भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी भड़क उठे है। उन्होने सीधे तौर पर कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचारियों को बचा रही है।

स्वामी ने ट्वीट कर कहा, ”सीबीआई में क़त्लेआम के खिलाड़ी अब ईडी के अधिकारी राजेश्वर सिंह का निलंबन करने जा रहे हैं ताकि पीसी के ख़िलाफ़ आरोपपत्र दाखिल ना हो। अगर ऐसा हुआ तो भ्रष्टाचार से लड़ने की कोई वजह नहीं है, क्योंकि मेरी ही सरकार लोगों को बचा रही है. ऐसे में मैंने भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ जितने मुक़दमे दायर किए हैं सब वापस ले लूंगा।”

सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने को लेकर राज्यसभा से बीजेपी सांसद ने कहा कि वह आश्चर्यचकित हैं कि वर्मा जैसे एक ईमानदार आदमी को सिफ्ट कर दिया गया है। मुझे नहीं पता कि सीबीआई निदेशक के खिलाफ आरोप क्या हैं लेकिन वह एक बहुत ही ईमानदार, सीधा व्यक्ति है। उन्होंने दिल्ली में पुलिस आयुक्त के रूप में अच्छा काम किया और उनकी भागीदारी के बिना पी चिदंबरम पर इस तरह से मुकदमा चलाना संभव नहीं था।

स्वामी ने कहा कि वह भ्रष्टाचार की जांच के बारे में चिंतित थे क्योंकि चिदंबरम केस के अंतिम चरण में इसका प्रतिकूल असर हो सकता है। एक छाप बाहर नहीं जानी चाहिए कि ये लोग स्कॉट फ्री हो जाएंगे, चिदंबरम जैसे आरोपी अदालत में जाएंगे और कहेंगे कि पूरी जांच त्रुटिपूर्ण थी। इसलिए, प्रधान मंत्री को अब यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाना है कि चिदंबरम और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच इस कार्रवाई से प्रभावित नहीं है।

बता दें कि राकेश अस्थाना के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल गठित हुई थी, जो मांस निर्यातक मोइन क़ुरैशी केस की जांच कर रही थी। आरोप है कि इसकी जांच में क़ुरैशी को बरी करने के लिए अस्थाना ने रिश्वत ली। दूसरी तरफ़ अस्थाना का आरोप है कि आलोक वर्मा ने इसकी जांच रोकवा दी। सीबीआई ने राकेश अस्थाना के नेतृत्व वाली एसआईटी में शामिल जांच अधिकारी देवेंद्र कुमार को गिरफ़्तार कर चुकी है।

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