ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (आईएमआईएम) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने एक टीवी चैनल को दिये इंटरव्यू में बताया कि उनकी लड़ाई संवेधानिक अधिकारों के लिए है न कि प्रधानमंत्री बनने के लिए।

इस इंटरव्यू में जब ओवैसी से सवाल किया गया कि ”मोदी से बड़े दुश्मन राहुल हो गए हैं क्या आजकल?” इस पर ओवैसी जवाब देते हैं, ”दोनों बराबर हो चुके हैं, क्योंकि दोनों ही हिंदुत्व पर आ चुके हैं।” फिर सवाल किया गया कि ”आजकल मजाक बड़ा उड़ाते हैं आप राहुल गांधी का?” ओवैसी जवाब देते हैं, ”क्यों, अरे भई मैं मजाक क्या उड़ाता हूं उनका? अगर नो कॉन्फिडेंस मोशन में जाके गले मिल जाते हैं तो मैं क्या करूं?” अगला सवाल उनसे होता है कि अगर 2019 में कांग्रेस और अन्य सभी पार्टियां सरकार बनाने की स्थिति में आती हैं और राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदार स्वीकार किया जाता है तो वह क्या करेंगे?

इस पर ओवैसी अपने कॉलेज के दिनों को याद करते हुए कहते दिखाई देते हैं कि हैदराबाद के निजाम कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उनका ज्यादातर वक्त कैंटीन में गुजरता था, एक दिन उनके एक लेक्चरर ने उन्हें अपनी क्लास में ले जाकर पूछा कि इंडियन डेमोक्रेसी क्या है? ओवैसी ने उन्हीं से बताने की गुहार लगाई तो लेक्चरर ने कहा कि ”इंडियन डेमोक्रेसी स्वयंवरा की तरह है, कभी-कभी वो जाकर किसी बेकार आदमी के गले में फूल का हार डाल देती है।”

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ओवैसी के इस जवाब पर एंकर फिर पूछती हैं, ”बेकार आदमी है राहुल गांधी?” एआईएमआईएम नेता कहते हैं, ”मैं बेकार नहीं कह रहा हूं, इंडियन डेमोक्रेसी है, हो सकता है आवाम का फैसला हो, कोई भी बन जाएं.. मैं क्या करूं..?” इसके बाद एंकर ओवैसी से खुलकर पूछती हैं कि ”आपको लगता है.. विपक्ष को रिप्लेस कर देंगे, राहुल गांधी को हटा देंगे.. मोदी वर्सेज ओवैसी एकदिन लड़ाई हो जाएगी?”

इस पर ओवैसी कहते हैं, ”मैं किसी को रिप्लेस करने नहीं आया हूं, मेरी लड़ाई पूरी संविधान के फंडामेंटल राइट्स की है, मेरी लड़ाई इंसाफ की है.. और मैं वो चाह रहा हूं वो मुझे मिले, मैं तो ये नहीं कह रहा हूं कि मुझे प्रधानमंत्री बना दो, मैं तो ये नहीं कह रहा हूं कि मुझे आसमान से तारे तोड़कर ला दो।”

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