Saturday, July 24, 2021

 

 

 

1947 में ही सभी मुसलमानों को पाकिस्तान भेज देना चाहिए था: गिरिराज सिंह

- Advertisement -
- Advertisement -

पटना. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक बार फिर देश के मुसलमानों को लेकर विवादित बयान दिया है। गुरुवार को पूर्णिया में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि 1947 में ही सभी मुस्लिम को पाकिस्तान भेज देना चाहिए था।

गिरिराज सिंह ने कहा कि “देश के सामने यह स्वीकार करने का वक्त है कि जब 1947 से पहले जिन्ना ने इस्लामिक देश की मांग की। यह हमारे पूर्वजों की बड़ी चूक थी, जिसकी कीमत हम चुका रहे हैं। यदि सभी मुस्लिम भाईयों को उसी वक्त वहां भेज दिया जाता और हिन्दुओं को यहां लाया जाता तो हम उस स्थिति में नहीं होते, जहां आज हैं। यदि भारतवंशियों को यहां आसरा नहीं मिलेगा तो वो कहां जाएंगे?”

केन्द्र सरकार में पशुपालन, डेयरी और मछलीपालन मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, ‘अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का एक छात्र कहता है कि जो हमारी कौम से टकराया है वह बर्बाद हुआ है। यहां भी जो हमसे टकराएगा, बर्बाद हो जाएगा। हद तो तब हो जाती है जब हैदराबाद में कहा जाता है कि अगर CAA वापस नहीं लिया गया तो हम ईंट से ईंट बजा देंगे। हैदराबाद में ही कहा जाता है कि अगर 15 मिनट छूट दे दी जाए तो यहां के हिंदुओं को दिखा दूंगा।’

गिरिराज सिंह ने आगे कहा, ‘भारत तेरे टुकड़े-टुकड़े होंगे के नारे लगते हैं। इसलिए आज समय आ गया है कि देश को राष्ट्र के प्रति समर्पित होना होगा।’ उन्होंने आजादी और विभाजन पर बात करते हुए कहा, ‘1947 के पहले हमारे पूर्वज आजादी की लड़ाई लड़ रहे थे और जिन्ना देश को इस्लामिक स्टेट बनाने की योजना बना रहा था।’

उन्होंने कहा, ‘उस समय हमारे पूर्वजों से बहुत बड़ी भूल हुई। अगर तभी मुसलमान भाइयों को वहां (पाकिस्तान) भेज दिया जाता और हिंदुओं को यहां बुला लिया जाता तो आज यह नौबत ही नहीं आती। अगर भारत में ही भारतवंशियों को जगह नहीं मिलेगी तो दुनिया में ऐसा कौन सा देश है जो उन्हें शरण देगा।’

उन्होंने कहा, ‘इसलिए आज हमारे कार्यकर्ताओं का काम है कि वह लोगों के बीच जाए और उनके भ्रम को दूर करे। लेकिन सोए हुए को जगाया जा सकता है, जागे हुए को कोई नहीं जगा सकता।’ इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दिल्ली के शाहीन बाग की तर्ज पर जो लोग विरोध कर रहे हैं दिल्ली चुनाव में शाहीन बाग के लोगों ने वोटर कार्ड दिखाकर वोट दिया है। उन्होंने वहां नहीं कहा कि हम सबूत नहीं दिखाएंगे।

एनपीआर पर बात करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा, ‘जितनी चीजें एनपीआर में मांगी गई हैं वे सब आधार कार्ड में हैं। फिर एनपीआर का विरोध क्यों? यह भारत के अंदर सोची-समझी रणनीति के तहत विरोध हो रहा है। यह कोई लोकतांत्रिक आंदोलन नहीं, बल्कि खिलाफत आंदोलन हो रहा है, देश को तोड़ने के लिए।’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles