आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी देश में मुसलमान की बदतर हालत को लेकर कहा कि मुल्क की आजादी के 70 साल के दौरान तमाम कमीशन और आयोग यह तस्दीक कर चुके हैं कि मुसलमानों को हिस्सा नहीं दिया गया, इसलिए उनके हालात बदतर हैं.

सहारा न्यूज नेटवर्क के ‘थिंक विथ मी’ 2016 समिट में ओवैसी ने कहा कि मुसलमानों के वोटों से सरकारें तो बनायी गयीं, लेकिन उनकी तरक्की का काम किसी ने नहीं किया. मुसलमानों के हालात सुधारने के बजाय उनको लावारिस छोड़ दिया गया.

उन्होंने कहा कि संविधान निर्माता डा. भीमराव अम्बेडकर ने कहा था कि देश में रहने वाले सभी नागरिकों को बराबर का दर्जा मिलेगा, पर ऐसा नहीं हो रहा है. मुसलमानों को ओहदों की जरूरत नहीं, इंसाफ की जरूरत है.

उन्होंने बीजेपी से उनके पर्दे के पीछे रिश्तों को लेकर कहा कि बीजेपी की जीत की जिम्मेदारी हमको दी जाती है. यsथ ही उन्होंने इस बात को भी गलत बताया कि मुसलमान कभी भी बीजेपी को वोट नहीं देता है.

(Courtesy: Sahara Samay)


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