केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मोदी सरकार के रोहिंग्या मुसलमानों को भारत से वापस म्यांमार भेजने के फैसले का बचाव किया है। नकवी ने कहा कि कोई भी देश अपने यहां अवैध प्रवासियों को स्वीकार नहीं कर सकता।

हालांकि उन्होने ये भी कहा कि जो मुसलमान भारत में रह रहे हैं, वो घुसपैठिए नहीं हैं। नकवी ने जोर देकर कहा, ‘हर मुसलमान घुसपैठिया नहीं है। भारतीय मुसलमान देश का सम्मान करते हैं और उसके विकास के लिए काम करते हैं।’ नकवी ने ये भी बताया कि गैर-कानूनी तरीके से रह रहे घुसपैठिए सबसे ज्यादा नुकसान भारतीय मुसलमानों को ही पहुंचा रहे थे और जो भी एक्शन उनके खिलाफ लिया गया है, वह कानून सम्मत है।

इससे पहले बीजेपी के महासचिव राम माधव ने कहा कि चाहे हिंदू हो या मुसलमान, सभी रोहिंग्याओं को देश से बाहर करने की प्रक्रिया जारी है और गैर संवैधानिक ढंग से देश में आए व्यक्ति को हम किसी कीमत पर पनाह नहीं देंगे। कोई भी देश दूसरों के लिए अपनी जमीन के इस्तेमाल की इजाजत नहीं दे सकता। एक-एक घुसपैठिये की पहचान की जाएगी और नागरिकता से वंचित करने के बाद उन्हें निर्वासित किया जाएगा।

कोलकाता में एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठियों को देश से बाहर जाना ही पड़ेगा, लेकिन जो भारतीय हैं उन्हें एनआरसी से घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि असम में एनआरसी को लेकर कोई विवाद नहीं है और राज्य में शांतिपूर्वक व संवैधानिक तरीके से इसकी प्रक्रिया चल रही है।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट स्वयं दैनिक आधार पर एनआरसी प्रक्रिया की निगरानी कर रही है। यह पूछे जाने पर कि क्या पश्चिम बंगाल में एनआरसी लागू किया जाएगा, जैसा कि कुछ भाजपा नेता इसका संकेत दे चुके हैं इसपर उन्होंने कहा कि फिलहाल एनआरसी असम तक सीमित है।
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