Thursday, July 29, 2021

 

 

 

मुस्लिमों के पास 5 गज जमीन भी नहीं, 10% में से 5% आरक्षण दिया जाए: आजम खान

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सवर्णों को मिलने वाले 10 फीसदी आरक्षण में से सपा नेता आजम खान ने मुसलमानों के लिए 5 फीसद आरक्षण की मांग की है। आजम खान का कहना है कि सवर्णों से ज्यादा पिछड़ापन मुसलमानों में है इसलिए तो इस 10 फीसदी आरक्षण में 5 फीसदी मुसलमानों के लिए होना चाहिए। उन्होंने कहा है कि आरक्षण पर सबसे ज्यादा मुस्लिमों का हक बनता है, क्योंकि उनके पास पांच गज जमीन भी नहीं है। उन्होंने कहा कि मुझे ये जानना है कि 10 प्रतिशत में से आर्थिक रूप से कमजोर मुस्लिमों को कितना प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।

समाजवादी पार्टी के नेता ने कहा कि एक बार फिर चुनाव के वक्त कम्युनल कार्ड खेला जा रहा है। अगर इस संवैधानिक बदलाव में मुस्लिमों के बारे में नहीं सोचा जा रहा है, तो फिर इस आरक्षण का क्या मतलब है। आरक्षण के मसले पर आजम खां ने कहा है कि कुछ दिन पहले आरक्षण को लेकर मध्यप्रदेश और राजस्थान में उग्र प्रदर्शन हुए थे। सरकारी इमारतों और अमले को तोड़ा और नुकसान पहुंचाया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर कड़ा संज्ञान भी लिया था। यह दबाव का आरक्षण है।

उन्होने कहा, ये दरअसल 5 राज्यों के चुनावी नतीजो के बाद का विचार है। हमें यह जानना है कि जो अगड़ों को, सवर्णों को, जो माली तौर पर बदहाल हैं या आर्थिक पिछड़े है, उनमें सबसे ज्यादा पिछड़ा है वह दलित से भी बदतर है। कमीशंस की भी रिपोर्ट है जिनमें कहा गया है कि दलितों से भी बदतर हालात में मुसलमान है। हमें यह जानना है कि यह संविधान में जो बदलाव हो रहा है उसमें देश की दूसरी सबसे बड़ी आबादी जिसकी हालात बदहाल है और जिनके साथ भारतीय जनता पार्टी और दूसरी फासिस्ट्स ताकतों का रव्वया बहुत बुरा है।

reservation muslim

इस रिजर्वेशन में उन मुसलमानों का जो आर्थिक रूप से पिछड़े हैं उनके लिए कितने प्रतिशत होगा। हमारे खयाल से दोनों को 5-5 पर्सेंट दिया जाना चाहिए। जो संविधान ला रहे हैं उसमें 8 लाख सालाना रुपये और 5 एकड़ जमीन तक जबकि मुसलमानों के पास 5 गज जमीन भी नहीं है, उनका हक तो बहुत ज्यादा बनता है। 

अगर इस संवैधानिक बदलाव में देश की दूसरी सबसे बड़ी आबादी के बारे में विचार नहीं हो रहा है तो इस रिजर्वेशन का मतलब क्या है। यह तो चुनाव के वक्त एक बार फिर कम्युनल कार्ड खेला जा रहा है। अगर आपको रिजर्वेशन देना था तो 4 साल पहले देते। 1 साल पहले ही दे देते। रिजर्वेशन का लाभ आपके रहते तो मिलेगा नहीं। आपको यह मालूम है। और अगर हो भी जाए तो विधि विशेषज्ञों का कहना है सुप्रीम कोर्ट में ऐतराज हो सकता है लेकिन हमें हमारा हिस्सा मिलना चाहिए।

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