फिल्म पद्मावती को लेकर मचे बवाल के बीच समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि हम पिछले 40 साल से कह रहे हैं कि हिन्दुस्तान के तमाम नवाब और राजा अंग्रेजों के एजेन्ट थे.

इस दौरान उन्होंने देश के मुसलमानों को बड़े दिलवाला बताते हुए कहा कि अनारकली को सलीम की महबूबा बताया गया, जबकि इतिहास से इसका कोई वास्ता नहीं है. बाप से बेटे का मैदान-ए-जंग में मुकाबला हुआ इसका भी इतिहास से कोई लेना-देना नहीं. इस फिल्म पर किसी मुसलमान ने ऐतराज नहीं किया क्योंकि मुसलमान का दिल इतना छोटा नहीं है की उनके इतिहास को एक फिल्म खराब कर सके.

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उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि ये कैसी राजागिरी है, राजा साहब एक फिल्म में डांस करने वाली नचनिया से ही डर गए. ये बड़ी-बड़ी पगड़ियां लगाकर फिल्म की मुखालफत कर रहे हैं. फिल्मों के तो मजा लिए जाते हैं. खान ने कहा कि जो राजा और नवाब कल तक अंग्रेजों के बस्ते उठाते थे, वही आज एक फिल्म का विरोध कर रहे हैं.

इस दौरान उन्होंने गोडसे को देश का पहला कसाई बताया. उन्होंने कहा, “ मोदी जी मुसलमान कसाई नहीं है. कसाई एक कारोबार है. अगर हत्यारे को ही कसाई कहते हो तो हिंदुस्तान का पहला कसाई महात्मा गांधी का हत्यारा नाथूराम गोडसे था.

उन्होंने आगे कहा, अगर आप ताजमहल को गिराना चाहते हो, संविधान को बदलना चाहते हो और हिन्दू राष्ट्र घोषित करना चाहते हो तो करो. जो कल करना है उसे आज करो. लेकिन वोट के नाम पर मुसलमानों पर जुल्म बंद करो