वंदे मातरम को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में घमासान मचा हुआ है. हाल ही में बीएमसी ने सभी स्कूलों में वंदे मातरम अनिवार्य करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.

हालांकि बीएमसी के इस फैसले का विरोध होना भी शुरू हो गया है. एआईएमआईएम के विधायक वारिस पठान ने इस फैसले को असंवैधानिक बताया. उन्होंने कहा कि संविधान में कहीं नहीं लिखा गया है कि आपको वंदे मातरम गाना ही पड़ेगा. वारिस पठान ने कहा कि वंदे मातरम के नाम पर मुस्लिमों को प्रताड़ित किया जा रहा है.

वारिस पठान ने यह भी कहा कि वह जन गण मन गाते हैं, जय हिंद, जय महाराष्ट्र बोलते हैं देश का सम्मान करते हैं लेकिन वंदे मातरम नहीं बोलेंगे. वारिस ने आरोप लगाया कि फ्लाइट में सड़क, रेस्टोरेंट में लोग उन्हें देखकर वंदे मातरम चिल्लाते है. वारिस ने अपील की है कि उनकी देशभक्ती पर कोई सवाल ना खड़ा करें और उनकी भावना का आदर करें.

वहीं समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र अध्यक्ष अबू आजमी ने भी इस मुद्दे को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की. आज़मी ने कहा हमें बाहर निकलने और सफर करने में डर लगता है, हिंदुस्तान किसी के बाप की जागीर नहीं है, देशभक्ति किसी के कहने पर साबित नहीं होती.

आजमी कहते हैं कि वो मादरे वतन कहते हैं लेकिन हर कोई जबरन वंदे मातरम बुलवाने पर लगा है. आजमी ने भी गुजारिश की है कि लोग उनकी भावनाओं का आदर करें.

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