भारत रत्न को बाह्मनों का क्लब बता चुके आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी अपनी बात पर कायम है. उन्होने दोहराया कि भारत रत्न सिर्फ बाह्मनों का क्लब बन चुका है और इसमे मुसलमानों और दलितों की अनदेखी हो रही है.

उन्होंने NDTV के कार्यक्रम हम लोग में कहा आज भारत रत्न हर किसी को मिल जा रहा है. अगर आप भी उस लिस्ट को ध्यान से देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि उसमें मुसलमानों और दलितों की साफ तौर पर अनदेखी हो रही है.

उन्होंने कहा, देश के सर्वोच्च सम्मान को दिए जाने के लिए एक ऐसी कमेटी बननी चाहिए जो देश की विविधता को ध्यान में रखते हुए इस सम्मान के लिए लोगों के नाम का चयन करें. आज भारत रत्न सिर्फ बाह्मनों का क्लब बन गया है.

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ओवैसी ने कहा कि आज तक जितने लोगों को यह सम्मान मिला उसमें मुसलमानों और दलितों की तुलना में अपर कास्ट का क्या शेयर रहा. अभी तक 48 हस्तियों को यह मिला जिसमें एक भी आदिवासी नहीं है. यह अवॉर्ड आज सरकार द्वारा सिर्फ अपनी पार्टी के आधार पर लोगों को खुश करने के लिए यह दिया जा रहा है.

ओवैसी ने प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न दिए जाने को लेकर भी सवाल खड़े गए. उन्होंने कहा कि मुझे यह समझ नहीं आता कि पीएम मोदी कहते हैं यूपीए के काल में जब प्रणब मुखर्जी वित्त मंत्री थे उस समय देश में एनपीए सबसे ज्यादा थी और इसी वजह से देश की अर्थव्यवस्था खराब हो गई. लेकिन बाद में आप उन्हें भारत रत्न देते हैं. लगता है प्रणब मुखर्जी को आरएसएस मुख्यालय जाने का फायदा मिल गया.

ओवैसी ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय को भारत रत्न दिए जाने पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्या की मौत की जांच के लिए के बाद चंद्रचूड़ आयोग बनाया गया. इस आयोग ने कहा कि एक शख्स ने फर्जीवाड़ा किया लेकिन आपने उन्हें भी भारत रत्न दे दिया.

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