केंद्र की मोदी सरकार द्वारा तीन तलाक के खिलाफ संसद में विधेयक लाने की आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने आलोचना की. साथ ही उन्होंने देश के मुस्लिमों से शरीअत की हिफाजत के लिए एकजुट होने का आह्वान किया.

ओवैसी ने पद्मावती पर राजपूतों के विरोध और एकजुटता का हवाला देते हुए कहा कि मुसलमानों को राजपूतों से सबक सीखना चाहिए, जो कम संख्या में होने के बावजूद फिल्म की रिलीज रोकने के लिए एक साथ आए. उन्होंने कहा,’अगर मुस्लिम देश को मजबूत बनाने और शरीयत को बचाने के लिए एक हो सकते हैं, तो हम निश्चित रूप से कुछ कर सकते हैं.’

इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधा और कहा, जब आप एक फिल्म (‘पद्मावती’) को रिलीज करने की अनुमति नहीं दे सकते, तो आप मेरी शरीयत में कैसे हस्तक्षेप कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि ’20 लाख हिंदू महिलाओं को उनके पतियों ने छोड़ दिया है’, क्या मोदी इनके बचाव में भी आएंगे?

ओवैसी ने मुसलमानों को संबोधित करते हुए कहा, मुस्लिम समुदाय को पटेल, गुर्जर, जाट और मराठों से भी सबक सीखना चाहिए जो अपने अधिकारों और आरक्षण के लिए लड़ने के लिए एक साथ आए.

गुजरात चुनाव को लेकर ओवैसी ने कहा, दोनों पार्टियां विभिन्न समुदायों के लिए आरक्षण के लिए प्रतिस्पर्धा कर रही. लेकिन मुसलमानों के लिए कोटे का विरोध करने में एकजुट हो जाती हैं.

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