अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर निर्माण के समर्थन में दिये गए कांग्रेस के बयानो पर इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने कहा कि वह इस मामले पर चर्चा नहीं करना चाहती है।

पार्टी की राष्ट्रीय नेतृत्व की बैठक में बुधवार को प्रियंका गांधी वाड्रा के बयान को एक जगह से हटाने का प्रस्ताव स्वीकार किया गया। अयोध्या में एक मंदिर के निर्माण पर प्रियंका गांधी द्वारा जारी किए गए बयान पर हम अपनी असहमति व्यक्त करते हैं और उनका यह बयान बहुत हद तक सही है।

IUML के सचिव, ईटी मोहम्मद बशीर ने द हिंदू को बताया, पार्टी नेतृत्व ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे मुद्दा नहीं बनाने का फैसला किया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बाबरी मस्जिद विवाद बंद हो गया। हम इस पर आगे कोई चर्चा नहीं करना चाहते, क्योंकि यह देश के लिए अच्छा नहीं होगा।

उन्होने कहा, पार्टी नेतृत्व ने राय साझा की कि 6 दिसंबर, 1992 को बाबरी मस्जिद के विध्वंस के मद्देनजर “रचनात्मक रुख” ने केरल के समाज को बहुत लाभ पहुंचाया। “कई लोगों ने बाबरी मस्जिद को तोड़ने के मद्देनजर हमें उकसाने की कोशिश की थी। लेकिन हम अपने रचनात्मक और जिम्मेदार रुख के साथ खड़े रहे। और समय ने साबित कर दिया कि पार्टी का रुख हमारे समाज को लाभान्वित करता है।”

IUML के अध्यक्ष और केरल के अध्यक्ष सैयद हैदराली शिहाब थंगल ने बैठक की अध्यक्षता की। सत्तर के दशक के अंत में गठबंधन बनने के बाद से लीग कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) का हिस्सा रही है।

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