तेलंगाना विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 75 सीटों के लिए उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। इस दौरान केवल चार मुस्लिम उम्मीदवारों को ही टिकट दिया गया। ऐसे में मुसलमानों की अनदेखी से नाराज प्रदेश के दो बड़े मुस्लिम नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। 

कांग्रेस अल्पसंख्यक कमेटी के राष्ट्रीय उप-संयोजक मो. खलीकुर रहमान और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष रहे आबिद रसूल खान ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने वाले खलीकुर रहमान क्रिकेटर से नेता बने पूर्व सांसद मो. अजहरुद्दीन के रिश्तेदार हैं।

बता दें कि कांग्रेस ने तेलंगाना में टीडीपी, सीपीआई और टीजेएस के साथ महागठबंधन किया है। विधानसभा की कुल 119 सीटों में से कांग्रेस 94 पर चुनाव लड़ रही है।कांग्रेस ने अभी तक 75 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की है।

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आबिद रसूल खान ने कहा कि कांग्रेस को राज्य के 10 पुराने जिलों में से प्रत्येक में एक-एक विधानसभा सीट पर मुस्लिमों को टिकट देना चाहिए, जहां पार्टी के जीतने की संभावना है। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष ने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से पूछा, ‘क्या वे उतना भी नहीं कर सकते।’

खान ने कहा कि कांग्रेस ने राज्य में जिन चार मुस्लिम उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की है उनमें से दो हाल में ही पार्टी में शामिल हुए हैं जबकि एक संगठन का सदस्य भी नहीं है।  उन्होंने कहा, ‘हम (तेलंगाना के मुस्लिम नेता) बेहद नाखुश हैं. हमारे अध्यक्ष राहुल गांधी ने बार-बार कहा है कि वह वास्तविक कार्यकर्ताओं का खयाल रखेंगे और वह आखिरी क्षणों में पार्टी में आने वालों को मलाई खाने नहीं देंगे, जबकि चीजें ठीक उसके विपरीत हो रही हैं।’

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खान ने कहा कि नलगोंडा, निजामाबाद और खम्मम जैसे कुछ जिला मुख्यालयों में मुस्लिमों की आबादी 30 से 35 फीसदी तक है। उन्होंने कहा कि रेड्डी समुदाय के नेताओें ने खुद को वहां स्थापित कर लिया है और ‘वे किसी भी कीमत पर सीट नहीं छोड़ना चाहते हैं क्योंकि उन्हें मुसलमानों का वोट आसानी से मिल जाता है।’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को रेड्डी समुदाय के सदस्यों को दूसरी जगह से लड़ाकर इन सीटों पर मुस्लिमों को टिकट देना चाहिए। खान ने कहा कि अगर कांग्रेस नेतृत्व ‘इतना लाचार’ है तो उन्हें वादा करना चाहिए कि सारी मनोनीत एमएलसी सीटें (विधान परिषद सदस्य) मुस्लिमों और ईसाइयों को दी जाएंगी।

उन्होंने कहा, ‘आप हमें मनोनीत सीटें भी नहीं देना चाहते हैं। हमें राजनीतिक अवसर नहीं देना चाहते हैं और आप सिर्फ हमारा वोट चाहते हैं. हमारी पार्टी और बीजेपी में फिर क्या फर्क है।’ उन्होंने कहा, ‘यह पार्टी खुद को धर्मनिरपेक्ष कहती है, लेकिन इसका आचरण सांप्रदायिक है। वाकई हम अंतर नहीं कर सकते।’

खान ने कहा, ‘अगर राहुल गांधी वाकई कांग्रेस के लिए तेलंगाना जीतना चाहते हैं तो उन्हें बैठकर तत्काल विसंगतियों को दूर करना चाहिए।’ उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कांग्रेस अध्यक्ष ने कदम नहीं उठाया तो सभी जिलों में पार्टी की खराब हालत होगी। उन्होंने कहा, ‘अगर चीजें ठीक नहीं होती हैं तो जहां तक मेरा सवाल है, मैं इस्तीफा देने जा रहा हूं।’

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