ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने तीन तलाक पर मोदी सरकार के बिल का लोकसभा में तो जमकर विरोध किया ही साथ ही वे लोकसभा के बाहर भी बिल की तीखी आलोचना कर रहे है.

ओवैसी ने इस बार बीजेपी के साथ कांग्रेस को भी लपेटे में लिया. उन्होंने कहा है कि मुस्लिम समाज इस देश में जनेऊधारी और हिंदू राष्ट्रवाद की राजनीति में फंस गया है, इनमें से एक एलिट क्लब है तो दूसरा भारतीय राष्ट्रीयवाद का ग्रुप है.

बीबीसी से बातचीत में ओवैसी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, मुस्लिम महिलाओं के लिए सबसे बड़ा मुद्दा शिक्षा है. आप संसद में मुस्लिम महिलाओं की पढ़ाई के लिए कानून लाइए और रोजगार दीजिए. लेकिन आप वो नहीं करेंगे.

ओवैसी ने कहा, ”अभी जो बिल है, उसमें सबूत देने का बोझ औरत पर रहेगा. देश में जो घोटाले हुए, उसमें सीबीआई किसी को सजा दिला पाई क्या. ऐसे में मोदी क्या इंसाफ़ दिलाएंगे और आप तो मर्दों को नाइंसाफ़ी करने का हैंडल दे रहे हैं.”

ओवैसी ने कहा, ”बीजेपी बेवजह की उलझन का शिकार है और झूठ का सहारा ले रही है. मिसाल के लिए तौर पर पाकिस्तान को लीजिए. पाकिस्तान के पास सेक्शन 61 है. आज ही मैंने अख़बार में एक लेख पढ़ा. इस लेख में संविधान के जानकार ये कह रहे हैं कि जो भी इस्लामिक मुल्क है, क़ानूनी प्रावधान कहीं नहीं हैं.”

ओवैसी की और से कही गई ख़ास बातें:

  • अगर आप एक ही धर्म के ख़िलाफ कानून बना रहे हैं तो मैं इसे साजिश ही मानूंगा. किन आंकड़ों के आधार पर आप तलाक़ पर ये बिल ला रहे हैं. यकीनन मैं मानता हूं कि तीन तलाक़ समाज के लिए बुराई है. लेकिन ये ग़लत है कि आप एक राई को पहाड़ बनाकर पेश कर रहे हैं.
  • ये एक फर्जी बिल है. इस्लाम में शादी एक सिविल कॉन्ट्रेक्ट है और सिविल कॉन्ट्रेक्ट का उल्लंघन होगा तो आप सज़ा किस बुनियाद पर देंगे? आप ये कर सकते थे कि कहते निकाहनामे में इन कुछ बातों को शामिल कीजिए कि अगर कोई मुस्लिम मर्द तीन तलाक़ देता है तो उसको मेहर का 100 गुणा चुकाना पड़ेगा. आप वो लगाइए. ये शरीयत का उल्लंघन नहीं है.
  • हमारा तीन तलाक़ के मसले पर ये स्टैंड है कि अगर कोई मुस्लिम मर्द गुस्से में तीन तलाक़ बोलता है तो वो तलाक़ नहीं है.
  • नए कानून से सुधार होने की अगर आप बात करते हैं तो निर्भया गैंगरेप केस के बाद कानून बनाया गया था. लेकिन आज भी भारत में हर एक घंटे में तीन महिलाओं का रेप होता है. एक घंटे में पांच का किडनैप और एक घंटे में आठ लोगों का उत्पीड़न होता है. समाज को सुधारने के लिए क़ानून नहीं, दिमाग सुधारने की ज़रूरत है.
  • मुझे पाकिस्तान, सऊदी अरब से क्या मतलब. मैं क्या सऊदी का मुल्ला हूं या पाकिस्तान का जेहादी हूं. मुझे अपने मुल्क से मतलब है दूसरे मुल्कों से मुझे क्या. इसे हमारे हैदराबाद में कहते हैं कि खादर ख़ान से खट्टे डायलॉग मत पूछा करिए.
  • अगर आप सोचते हैं कि एक क़ानून बनाने से जादू की छड़ी चल जाएगी तो ऐसा नहीं होगा.
  • आप यूनिफॉर्म सिविल कोड की बात करते हैं तो नागालैंड, मिजोरम को स्पेशल अधिकार दे सकते हैं आप?
  • ये आरएसएस की साजिश है कि भारत को हिंदी, हिंदू, हिंदुस्तान बनाया जाए, जो इस मुल्क को कमज़ोर करेगा.
  • अगर अधिकार देना है तो मुस्लिम महिलाओं की पढ़ाई पर ध्यान दीजिए.
  • मैंने बीजेपी, कांग्रेस को एक्सपोज कर दिया. टीएमसी, कांग्रेस समेत जितनी सेक्यूलर पार्टी हैं, इस मुद्दे पर सब ग़ायब नज़र आए. हिंदू राष्ट्रवादी भी ग़ायब दिखे.
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