देश में गौरक्षा के नाम पर जारी हिंसा को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पीएम मोदी पीएम मोदी की चुप्पी पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद के नाम पर ‘हिंदू राष्ट्र परियोजना’ को आगे बढ़ाया जाना मूलभूत रूप से भारत के अतीत और उसके संवैधानिक मूल्यों के साथ विश्वासघात होगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को अग्निपरीक्षा से गुजारा जा रहा है और जो ‘भारत माता की जय’ कहने पर सहमत नहीं होते हैं (ऐसा सरकार की शह पर कराया जाता है) उन्हें परेशान किया जा रहा है।

थरूर ने कहा, ‘‘वे सहिष्णुता के मुख्य हिंदू मूल्य को धता बता रहे हैं जिसने हमें इस देश में साढ़े छह दशक तक सांप्रदायिक सद्भाव दिया। उन्होंने ऐसा राष्ट्रवाद के नाम पर किया है जो अपने आप में देशभक्ति से परे है।’’

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india's prime minister narendra modi speaks at the opening plenary during the world economic forum (wef) annual meeting in davos

कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘‘हिंदू राष्ट्र परियोजना मूलभूत रूप से भारत के अतीत के साथ विश्वासघात होगी, यह हमारे देश के संवैधानिक मूल्यों के साथ मूलभूत रूप से विश्वासघात होगी।’’ बता दें कि इससे पहले थरूर ने  पीएम द्वारा मुसलमानों की टोपी न पहने पर भी उनकी निंदा की थी।

उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अपनी यात्राओं के दौरान ‘अजीब सी’ नगा और दूसरी टोपियां पहनते हैं, लेकिन मुसलमानों की टोपी पहनने से मना कर देते हैं। थरूर ने कहा, ‘मैं आपसे पूछता हूं कि हमारे प्रधानमंत्री देश-विदेश में जहां कहीं भी जाते हैं, हर तरह की अजीबो गरीब टोपियां क्यों पहनते हैं? वह मुसलमानों की टोपी पहनने क्यों हमेशा मना कर देते हैं?’

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