केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने नौकरियों में सवर्ण जातियों को आरक्षण देने की मांग उठाई है. साथ ही उन्होंने वर्तमान आरक्षण 49.5 प्रतिशत से बढ़ाकर आर्थिक आधार पर 75 प्रतिशत तक कर देने का भी सुझाव दिया.

रविवार को अठालवे ने कहा, “वर्तमान में 49.5 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है. हमें पटेल, राजपूत, ब्राह्मण, बानिया और मराठों को समायोजित करने के लिए इसे 25 प्रतिशत तक बढ़ा देना चाहिए.

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उन्होंने कहा, इन सवर्ण जातियों को क्रीमी लेयर वाले दायरे में नहीं रखा जाना चाहिए या आरक्षण पाने के लिए प्रतिवर्ष 8 लाख रुपये कमाने की शर्त नहीं होनी चाहिए.

भारतीय क्रिकेट टीम में अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिए आरक्षण की मांग कर चुके रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया के अठालवे ने कहा, “मेरा मानना है कि इन्हें 25 फीसदी आरक्षण दिया जाना चाहिए और इसके लिए इसे बढ़ाकर 75 प्रतिशत तक कर देना चाहिए.”

महाराष्ट्र में एक अलग विदर्भ राज्य का समर्थन कर रहे मंत्री ने कहा कि इससे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को लाभ देने वाली मौजूदा आरक्षण प्रणाली अव्यवस्थित नहीं होगी.

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