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नई दिल्ली | नोट बंदी पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच संग्राम छिड़ा हुआ है. कभी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी, मोदी पर हमला करते है तो कभी मोदी , कांग्रेस पर. कल बीजेपी की संसदीय समिति को संबोधित करते हुए मोदी ने कांग्रेस पर कई आरोप लगाए. मोदी ने कहा की कांग्रेस के लिए पार्टी पहले है और देश बाद में. हमारे लिए दल बाद में है और देश पहले. अपनी बात को और बल देने के लिए मोदी ने इंदिरा गाँधी का एक उदहारण भी दिया.

मोदी के आरोपों पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा की किसके लिए देश पहले है या संगठन, ये जानने के लिए मोदी जी को इतिहास पढना चाहिए. कांग्रेस के दिग्गज नेता कपिल सिब्बल ने प्रेस कांफ्रेंस करके कहा की मोदी जी को आरोप लगाने से पहले इतिहास पढना चाहिए. अगर वो इतिहास पढ़ लेते तो यह आरोप नही लगाते की कांग्रेस के लिए पार्टी पहले है और देश बाद में.

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कपिल सिब्बल ने आगे कहा की सबसे बड़ी समस्या यह है की मोदी जी न तो इतिहास पढना चाहते और न ही इसमें उनकी कोई रूचि है. वो बस टीवी पर दिखना चाहते है. अगर मोदी जी इतिहास पढ़ते तो उन्हें पता होता की आजादी की लड़ाई में उनके वैचारिक गुरुओ ने क्या किया था. जब भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस आजादी की लड़ाई लड़ रहा था तब वो अंग्रेजो के साथ खड़े थे. उन्होंने हमेशा कांग्रेस का विरोध किया.

कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया की उनके वैचारिक गुरुओ के लिए संगठन पहले था न की देश. मोदी जी कहते है की बस बीजेपी ही राष्ट्रवादी पार्टी है बाकि सब राष्ट्रविरोधी. जबकि उनका नोट बंदी का फैसला राष्ट्र और जन विरोधी है. पूरा देश इस फैसले से परेशान है. आजाद इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है की प्रधानमंत्री न तो संसद में खुद बोले और न ही विपक्ष को बोलने दिया.

कपिल सिब्बल ने मोदी को चुनौती देते हुए कहा की अगर वो वाकई में भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ लड़ना चाहते है तो सबसे पहले अपनी पार्टी से शुरुआत करे.

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