मोदी सरकार और आरबीआई गवर्नर के बीच चल रहे तनाव पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की तरह मोदी सरकार केंद्रीय बैंक को भी तबाह करना चाहती है।

उन्होने कहा, अगर आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल अपना पद छोड़ते हैं तो यह सिद्ध हो जाएगा कि मोदी सरकार पिछले चार सालों में सभी स्वायत्त संस्थाओं के कामकाज के साथ छेड़छाड़ करती रही है। उन्होंने कहा कि अगर आरबीआई गवर्नर अपने पद से त्यागपत्र देते हैं तो यह आरबीआई की स्वायत्ता से छेड़छाड़ होगी। जैसे उन्होंने सीबीआई की स्वायत्तता को खत्म किया वैसे ही अब वो आरबीआई की स्वायत्ता को खत्म करने में लगे हैं।

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इस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल का बयान भी आया है। उन्होंने कहा है कि संस्थाओं को मजबूत करना सरदार पटेल की विरासत रही। पर आज आरबीआई की अहमियत को कम कर दिया गया, जो कि उसके साथ धोखे जैसा है। जिन संस्थाओं को मजबूती के साथ खड़ा करने में सरकारों को 70 साल लगे, उन्हें महज पांच सालों (मोदी सरकार के कार्यकाल में) में ही बर्बाद किया जा रहा है।

दरअसल, वित्त मंत्री जेटली ने कहा था कि जब 2008 से 2014 के बीच बैंक मनमाने ढंग से कर्ज़ दे रहे थे तो रिज़र्व बैंक इसकी अनदेखी करता रहा। इसके ठीक पहले आरबीआई के डिप्टी गवर्नर ने शुक्रवार को एक भाषण में कहा था कि सरकार अगर आरबीआई की स्वायत्तता में दखल देती है तो ये ख़ासा नुकसानदेह हो सकता है।

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