प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी की महत्वकांक्षी ‘उजाला योजना’ को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर घोटाले का आरोप लगाया हैं.

कांग्रेस के प्रवक्ता शक्तिसिंह गोहिल ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस योजना में 20 हजार करोड़ रू का घोटाला किया गया हैं. कांग्रेस ने इस पुरे माम्लने की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की हैं. उन्होंने कहा कि बिजली मंत्रालय के तहत सार्वजनिक उपक्रमों को मिलाकर एक संयुक्त उद्यम एनर्जी एफिशियेंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) बनाया गया था।. इस उद्यम का उद्येश्य देशभर में एलईडी बल्बों के प्रयोग को बढ़ावा देना है.

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उन्होंने कहा कि राजग सरकार के शासन काल में ईईएसएल भ्रष्टाचार का एक मंच बन गयी है. ईईएसएल निविदा प्रक्रिया के मामले में वित्त मंत्रालय और सतर्कता आयोग के मानकों एवं निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन करते हुए अपनी निजी वेबसाइट पर निविदाएं मंगा रही है.

गोहिल ने कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मेक इन इंडिया जैसी पहल करने का दावा कर रहे हैं वहीं ईईएसएल चीन और ताइवान के बने एलईडी लगा रही है. इस प्रक्रिया में मोदी सरकार ‘मेक इन इंडिया’ के अपने ही प्रचारित दावों का मजाक बना रही है.

कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने नवसारी नगर निगम से इस बारे में जानकारी एकत्र की. इसके तहत यह पाया गया कि वहां ईईएसएल द्वारा एलईडी लगवाये जाने के बाद भी बिजली का बिल लगातार बढ़ता गया. उन्होंने कहा कि यदि एलईडी की गुणवत्ता अच्छी न हो तो बिजली का बिल कम होने के बजाय बढ़ता है.

वही दूसरी तरफ इन आरोपों को नकारते हुए बिजली मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कुछ अखबारों में आज छपे आरोपों का जवाब देते हुए उर्जा दक्षता सेवा लि. :ईईएसएल: ने दावों को खारिज किया और इसे झूठा, गुमराह करने वाला और तथ्यों से परे बताया। ईईएसएल बिजली मंत्रालय के अधीन आता है।

ईईएसएल ने कहा कि एलईडी बल्बों की खरीद उसने सर्वाधिक पारदर्शी और पेशेवर तरीके से की।

उसने कहा, उजाला योजना के तहत अबतक 22 करोड़ एलईडी बल्ब बेचे गये। इससे उपभोक्ताओं के बिजली में 11,500 करोड़ रपये की बचत हुई।

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