श्रीनगर: जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र की मोदी सरकार को सांप्रदायिकता के मुद्दें पर घेरते हुए कहा कि केंद्र सरकार सांप्रदायिकता रोकने में नाकाम रही है. उन्होंने चिंता जताई कि आगे भी ऐसा जारी रहा तो देश की धर्मनिरपेक्षता नष्ट हो जायेगी.

पार्टी मुख्यालय में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, नई दिल्ली में सरकार देश में सांप्रदायिकता को रोक पाने में नाकाम रही है. अगर यह इसी तरह चलता रहा तो देश विनाश के कगार पर पहुंच जाएगा.

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ साल से हो रहीं घटनाएं देश में धार्मिक सहिष्णुता और आजादी को प्रभावित कर रहे हैं. उन्होंने कहा, सांप्रदायिकता देश के सदियों पुराने धर्मनिरपेक्ष तानेबाने को तबाह कर देगी. पिछले कुछ साल से सांप्रदायिकता की घटनाएं धार्मिक सहिष्णुता, भाइचारे और धार्मिक आजादी को आहत कर रही हैं.

इस दौरान अभिव्यक्ति के मुद्दें पर उन्होंने कहा, ‘लोगों की अभिव्यक्ति की आजादी को कुचला जा रहा है जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और चिंता का विषय है.’ इससे पहले उन्होंने मोदी सरकार को श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने की चुनौती दी थी.

उन्होंने कहा था, वो (बीजेपी और केंद्र सरकार) पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में तिरंगा फहराने की बात करते हैं. मैं कहता हूं कि पहले श्रीनगर के लाल चौक में तो राष्ट्रीय ध्वज फहरा के दिखाओ. वो यहां तो तिरंगा फहरा नहीं पा रहे हैं और बात PoK की करते हैं.

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