पालघर मामले पर बोले मौलाना कासमी – मॉब लिंचिंग के खिलाफ कानून बनाए मोदी सरकार

भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस सचिव मौलाना उमर कासमी ने महाराष्ट्र के पालघर में हिन्दू संत की भीड़ के हाथों की हत्या की कड़ी आलोचना करते हुए केंद्र से मॉब लिंचिंग के खिलाफ कानून बनाने की मांग की है।

मौलाना उमर कासमी ने कहा कि देश में भीड़ के हाथों बेगुनाहों की निर्मम हत्या का जो सिलसिला शुरू हुआ है। वह रुकने के नाम नहीं ले रहा है। एक अफवाह पर भीड़ किसी को भी मौत के घाट उतार देती है। जिसके सामने हमारा पुलिस प्रशासन भी अब लाचार है।

उन्होने कहा, पालघर की घटना से जुड़े विडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे भीड़ पुलिस की गाड़ी से इन साधुओं को निकाल लेती है और पुलिस के सामने ही उन पर हमला कर मर डालती है। लेकिन पुलिस पूरी तरह से मुकदर्शक दिखाई देती है।

कासमी ने कहा कि ये पहली बार नहीं हुआ है। अलवर में पहलू खान, झारखंड में तबरेज अंसारी या यूपी के बुलंदशहर में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की भीड़ के हाथों इसी तरह से ह्त्या हुई है। उन्होने कहा कि आज एक आम नागरिक अकेला घरों में निकलने से भी डरता है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि केंद्र सरकार को मॉब लिंचिंग के खिलाफ सख्त कानून बनाना चाहिए। जिसमे दोषियों के लिए फांसी की सज़ा का प्रावधान हो। इसके साथ ही कानून में मॉब लिंचिंग से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्टट्रैक अदालतों का भी प्रावधान हो। जिससे दोषियों को जल्द से जल्द सज़ा मिल सके।

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