badruddin ajmal

असम यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) से सांसद मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने केंद्र की मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि केंद्र सरकार आरएसएस के इशारे पर चल रही है। जिसका पूरा कंट्रोल नागपुर मुख्यालय से किया जा रहा है। संघ प्रमुख मोहन भागवत जैसा कह देते हैं वैसा ही हो रहा है।

अमर उजाला से बातचीत में उन्होने कहा कि भागवत नागपुर मुख्यालय से बैठकर पूरी सरकार को कंट्रोल कर रहे हैं, क्योंकि बीजेपी आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद की ही शाखा है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी कर इस सरकार ने लोगों की कमर को तोड़ने का काम किया। इसकी वजह से लोग भूखों मरने की कगार पर हैं। पेट्रोल, डीजल और डॉलर आज कहां से कहां पहुंच गया। पीएम मोदी ने देश की जनता से वादा किया था कि अच्छे दिन आएंगे, लेकिन अच्छे दिनों का दूर-दूर तक का पता नहीं है। इसके उलट देश की जनता बुरे दिनों से जूझ रही है।

गुजरात से उत्तर भारतीय को बाहर निकाले जाने के सवाल पर मौलाना बदरुद्दीन ने कहा कि आगामी चुनाव में नरेंद्र मोदी और अमित शाह को इसके असर का पता चल जाएगा। क्योंकि गुजरात से बाहर निकाले गए लोग जब रो रोकर अपने रिश्तेदारों को इसके बारे में बताएंगे तो क्या वह यह सुनकर खुश होंगे।

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उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में बीजेपी को रोकने के लिए एकमात्र रास्ता महागठबंधन का है इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। उनकी पार्टी इस महागठबंधन में सभी दलों के साथ है।

एनआरसी के मुद्दे को लेकर मौलाना बदरुद्दीन अजमल का कहना है कि इस मामले में उन्हें असम सरकार पर जरा भी भरोसा नहीं है। मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। जो कुछ गड़बड़ी हो रही है या फिर आगे कोई गड़बड़ी होगी वो असम सरकार की तरफ से होगी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट पर सौ प्रतिशत भरोसा जताया है।

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