मोदी सरकार का कश्मीर में विकास का दावा शर्मनाक: मौलाना उमर कासमी

भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस सचिव मौलाना उमर कासमी ने बजट सत्र के पहले दिन संसद में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के भाषण में कश्मीर के विकास के दावों को लेकर मोदी सरकार की आलोचना की है।

उन्होने कहा कि आर्टिकल 370 हटाने के बाद कश्मीर में कोई आजादी नहीं है। बावजूद मोदी सरकार का कश्मीर के विकास का दावा करना शर्मनाक है। उन्होने कहा कि देश की सर्व्वोच अदालत के इंटरनेट को मौलिक अधिकार घोषित करने के बाद भी कश्मीरियों को आज इंटरनेट के चलाने की आजादी नहीं है।

कासमी ने कहा कि बीते 6 महीने में मोदी सरकार राज्य में टेलीफोन और मोबाइल सेवा चालू नहीं कर पाई है। उन्होने कहा कि इससे घटिया मजाक देश और जम्मू-कश्मीर की जनता के साथ हो ही नहीं हो सकता।

उन्होने कहा, कश्मीरियों के पास रोजगार नहीं है। लोग खाने को तरस रहे। स्कूलों पर ताले लटके हुए। अस्पतालों में ढंग से इलाज नहीं हो पा रहे है। कश्मीर की  पूरी अर्थव्यवस्था बर्बाद हो चुकी है। लेकिन मोदी सरकार राष्ट्रपति के भाषण में कहती है ​कि वहां इन 6 महीनो में बड़ी प्रगति हुई है। जो कश्मीरियों के जले पर नमक छिड़कने के समान है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। मोदी सरकार के इस फैसले से हस्तशिल्प, पर्यटन और ई-कॉमर्स बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। हस्तशिल्प क्षेत्र में ही 50,000 लोगों ने, होटल और रेस्तरां उद्योग ने 30,000 से अधिक लोगों ने, ई-कॉमर्स में भी 10,000 लोगों ने अपनी नौकरियां खोई हैं।

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