नोटबंदी के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरते हुए बसपा प्रमुख मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गए नोटबंदी के फैसले की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का निर्णय अपने चहेते पूंजीपतियों के कालेधन, अपनी पार्टी और नेताओं के कालेधन को ठिकाने लगाने के लिए लिया और आने वाले चुनाव में जनता उन्हें सबक सिखायेगी.
उन्होंने कहा कि जब बीजेपी के नेतृत्व में केंद्र में राजग सरकार बनी तब मैंने कहा था कि अब गरीब, मेहनतकश, मध्यमवर्ग की हालत बहुत खराब होने वाली है. बीच.बीच में मोदी सरकार ने जनहित के नाम पर कई फैसले लिये लेकिन जनहित की आड़ में अपने चहेते पूंजीपतियों और धन्नासेठों को फायदा पहुंचाया.
बसपा अध्यक्ष ने कहा कि 500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों पर पाबंदी लगाने का निर्णय किया गया और यह दावा किया गया कि 10 महीने से तैयारी चल रही थी. जब इतने समय से तैयारी चल रही थी तब जनता को इतनी परेशानियां क्यों उठानी पड़ रही है?
मायावती ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी का निर्णय अपने चहेते पूंजीपतियों के कालेधन, अपनी पार्टी और नेताओं के कालेधन को ठिकाने लगाने के लिए किया. और अब 50 दिन और मांग रहे हैं. उन्होंने कहा कि जनता इतनी नासमझ नहीं है. वो सब समझती है. भाजपा ने अपने एक चौथाई चुनावी वादे पूरे नहीं किए और जनता को उलझाने का काम कर रही है. जनता उन्हें सबक सिखाएगी.