कानपुर: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को कहा कि मोदी सरकार से वही लड़ सकता है, जिसके ऊपर ईडी और सीबीआई के मामले न चल रहे हों, क्योंकि सरकार इन जांच एजेंसियों को हथियार के रूप में इस्तेमाल करती है।

कानपुर में राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस ( इंटक) के तीन दिवसीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि ईवीएम से बनी इस मोदी सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों से वही लड़ सकता है, जिसके खिलाफ सीबीआई, ईडी आदि की जांच न चल रही हो, क्योंकि सरकार आयकर से लेकर इन विभागों को हथियार बनाकर काम कर रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘अमित शाह और मोदी का आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं है, इसलिए वे सरदार पटेल की मूर्ति बनाकर फायदा लेना चाहते हैं। केंद्र में मजदूर विरोधी सरकार बैठी है। लाभ के सार्वजिनक उपकरण बेचने की सरकार साजिश कर रही है। सार्वजनिक क्षेत्र बर्बाद हो गया है।’

भाजपा सरकार पर हमलावर होते हुए उन्होंने कहा कि पटेल दुग्ध उत्पादों पर टैक्स लगाने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन भाजपा सरकार ने इस पर भी टैक्स लगा दिया। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘बीएसएनएल के 70 हजार कर्मी वीआरएस लेने की लाइन में खड़े हैं। कैसी स्थिती है यह? कानपुर कभी मैन्चेस्टर रहा है, लेकिन यहां का कपड़ा उद्योग खत्म कर दिया गया।’

उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार उद्योगों को खड़ा करने के नाम पर श्रमिकों के काम के घंटे आठ से नौ करने का बिल ला रही है। जबकि जापान जैसा देश फाइव डे के बजाय फोर डे वीक कर रहा है।”

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