फरीदाबाद: न्यू इंडस्ट्रियल टाउन (एनआइटी) के ऐतिहासिक दशहरा मैदान में केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर और उद्योग मंत्री विपुल गोयल आपस में उलझ पड़े। दोनों मंत्री रावण दहन के अवसर पर अतिथि के रूप में मौजूद थे।

जानकारी के अनुसार, दोनों मंत्रियों में विवाद तब शुरु हुआ जब विपुल गोयल ने कहा “तीन साल से रावण जलाने के नाम पर जो राजनीति हो रही है वो जनता देख रही है। जब रावण का अहंकार नहीं रहा तो फरीदाबाद के भाईचारे को बिगाड़ने वाले समझ लें कि जनता के हाथ में तीर है…”

साथ ही मीरापुर, यूपी से बीजेपी के विधायक अवतार भड़ाना ने कहा, “बीजेपी में ऐसे लोगों का कोई स्थान नहीं है जो जनता को लूटता हो, सताता हो, ऐसे लोगों का पतन होगा। आने वाले समय में ऐसे राजनीतिक रावणों का दहन होगा।”

वहीं केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने तो विपुल गोयल पर सीधे शब्दबाण फेंके। कहा कि, उन्होंने किसी के साथ कोई छलकपट नहीं किया। उन्होंने कभी जनता के साथ राजनीति नहीं की बल्कि बहुत से लोगों को अंगुली पकड़कर राजनीति में लेकर आए हैं। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने कभी किसी की जमीन पर कब्जा नहीं किया, किसी के पैसे नहीं मारे।

Krishan pal gujjar or vipul goel aaj manch pe apas me bhide Ram ji hi Malik h ab Lad lo apas me

Sushil Singh ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಶುಕ್ರವಾರ, ಅಕ್ಟೋಬರ್ 19, 2018

इसके बाद उत्तर प्रदेश के मीरापुर से विधायक अवतार भड़ाना ने अपना उद्बोधन शुरू किया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की पीड़ा है कि फरीदाबाद की जो परंपरा देश के विभाजन के समय से चली आ रही हैं। उन्हें राजनीति के चलते तोड़ा जा रहा है। उन्होंने केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर का नाम लिए बिना कहा कि जो जनता को सताता है, जनता को लूटता है, ऐसे लोगों का रावण की तरह पतन होता है।

हालांकि बाद में दोनों नेताओं की तरफ से सफाई पेश की गई। कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा, ”धार्मिक कार्यक्रम के मंच से राजनीतिक बात की गई, जो नहीं करनी चाहिए थी। उन्हें लोगों को सिर्फ बधाई देनी चाहिए थी।’ विपुल गोयल ने अपनी सफाई में कहा, ”सामाजिक और धार्मिक कार्यों में किसी भी नेता को दखल नहीं देना चाहिए। जिस तरीके से काफी समय से दखल दिया जा रहा था, वह सार्वजनिक हो गया।”