सौजन्य से: एबीपी न्यूज़
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बनारस | उत्तर प्रदेश में हो रहे विधानसभा चुनावो के आखिरी चरण में 8 मार्च को मतदान होगा. इस चरण में प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी वोट डाले जायेंगे. वाराणसी में जीत दर्ज करने के लिए मोदी सरकार पूरा जो लगा रही है. फिलहाल चुनावो में मतदाताओ के रुख को देखते हुए पूरी केन्द्र सरकार वहां डेरा डाले हुए है. यही नही खुद मोदी ने भी तीन दिन वाराणसी में गुजारने का फैसला किया है.

इसी कड़ी में शनिवार को मोदी ने वाराणसी की गलियों में रोड शो किया. उन्होंने रोड शो के बाद भोले नाथ के मंदिर में जाकर भगवान के दर्शन भी किये. इस दौरान उनका रोड शो वाराणसी के मुस्लिम बहुल इलाके मदनपुरा से भी गुजरा. मुस्लिम बहुल इलाका होने के बावजूद यहाँ के लोगो में मोदी को लेकर बहुत उत्सुकता दिखाई दी. छतो पर खड़ा होकर मुस्लिम महिलाए उन पर फूलो की बरसात कर रही थी.

इतनी गर्मजोशी से अपना स्वागत होते देख मोदी ने भी उनको निराश नही किया. मुस्लिम संगठन द्वारा दिए गए एक शॉल को उन्होंने अपने सर माथे लगाकर साथ रखा. दरअसल इस इलाके को बुनकर कारोबार का गढ़ माना जाता है. नोट बंदी के बाद बुनकरों का कारोबार सबसे ज्यादा प्रभावित दिखा. जिसके बाद उम्मीद थी की यह इलाक मोदी का इतनी उत्सुकता से स्वागत नही करेगा.

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लेकिन बुनकर समुदाय के संगठन ‘बुनकर बिरादराना तंजीम बावनी’ ने उनका स्वागत करने का फैसला किया. इस संगठन के सरदार मुख़्तार महतो काफी घंटो से टेंट लगाकर मोदी का इन्तजार कर रहे थे. जैसे ही मोदी का काफिला उनके करीब पहुंचा वहां मोदी मोदी के नारे लगने शुरू हो गए. करीब पहुँचते ही महतो ने गुलदस्ता और एक शॉल मोदी की तरफ उछाला. जिसको मोदी ने पकड़ते हुए सर माथे से लगाया.

इस दर्शय को देखते ही पूरा इलाका मोदी मोदी के नारों से गूंज उठा. मोदी का यह रूप उत्तर प्रदेश में उनकी राजनीती के बदले रूप को दर्शा रहा था. दरअसल मोदी किसी भी हालत में वाराणसी में हार देखना नही चाहते इसलिए वो यहाँ के मुस्लिमो को रिझाने के लिए कोई कोर कसार नही छोड़ना नही चाहते.

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