आजमगढ़ | उत्तर प्रदेश में हो रहे विधानसभा चुनावो में जीत दर्ज करने के लिए सभी पार्टियों के उम्मीदवार पैसे और ताकत का खूब इस्तेमाल कर रहे है. पैसा पानी की तरह बहाया जा रहा है जबकि बाहुबली उम्मीदवार अपने बाहुबल का सहारा ले चुनाव जीतने की जुगत में है. ऐसे में एक ऐसा भी उम्मीदवार है जो चुनाव प्रचार पर नाम मात्र के लिए खर्च कर रहा है. जिसके पास खाते में दस हजार रूपए भी नही है.

निजामाबाद से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार आलम बादी तीन बार इस सीट से विधायक रह चुके है. लेकिन उनके पास न अपनी कार है और न बैंक बैलेंस. वो रोडवेज बसों में बिना किसी ताम झाम के सफ़र करते है. पांचवी बार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे आलम बादी जब विधायक थे तब भी आठ घंटे लोगो के बीच रहते थे और जब नही थे तब भी.

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ऐसे समय जब चुनाव प्रचार में उम्मीदवार करोड़ो रूपए खर्च कर रहे है तब आलम बादी ने अभी तक केवल 2 लाख रूपए प्रचार पर खर्च किये है. इस बारे में बात करने पर उन्होंने कहा की जब मैं रोज 9 बजे से 5 बजे तक लोगो के बीच ही रहता हूँ तो मुझे चुनाव प्रचार करने की क्या जरुरत है. उन्होंने बताया की मैंने पिछली बार के चुनाव में भी कम प्रचार और खर्च किया था.

आलम बादी इलाके के पहले विधायक है जो चुनाव हारने के बाद भी लोगो की समस्याओ को निपटाने में तत्पर दिखाई दिए. उन्होंने लोगो के बीच जाना नही छोड़ा. बताते है की 2012 में अखिलेश सरकार ने उन्हें मंत्री पद भी ऑफर किया था लेकिन उन्होंने उसे ठुकरा दिया था. 82 वर्षीय आलम बादी पहली बार 1996 में विधायक बने. तब से वो तीन बार विधायक रह चुके है. केवल एक बार वो मामूली अंतर से चुनाव हारे.

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