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पटना | नोट बंदी हुए आज 48 दिन हो चुके है. इससे क्या क्या फायदे होंगे यह तो आने वाला समय ही बतायेगा लेकिन जिस मकसद के लिए इसको लागू किया गया था वो पूरा होता नही दिख रहा. नोट बंदी का एलान करते समय प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था की कालेधन और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए यह कदम उठाया गया. लेकिन नोट बंदी के बाद न तो कालेधन पर ही रोक लगी और न ही भ्रष्टाचार पर.

अब सरकार ने गोल पोस्ट बदलते हुए नोट बंदी को कैश लेस इकॉनमी से जोड़ दिया. सरकार का कहना है की नोट बंदी कैश लेस इकॉनमी की तरफ बढाया गया पहला कदम है. अब मोदी सरकार के इस कदम की भी आलोचना शुरू हो गयी है. पहले लालू प्रसाद यादव ने कहा की सात जन्म लेने के बाद भी देश को कैशलेस नही किया जा सकता. अब उनकी बेटी मीसा भारती ने भी इस पर सवाल उठाये है.

मीसा भारती ने एक के बाद एक ट्वीट कर डिजिटल ट्रांजेक्सन को प्राइवेसी उलंघन के साथ जोड़ दिया. मीसा ने लिखा की डिजिटल ट्रांजेक्सन हमारी प्राइवेसी का उलंघन है. हम सरकार को यह क्यूँ बताये की हम जूते खरीद रहे है या लान्जेरी. अगर कोई नया शादी शुदा जोड़ हनीमून के लिए जा रहा है तो वो सरकार को यह बतायेगा की उसने हनीमून के लिए क्या क्या खरीदारी की है?

राज्यसभा सांसद मीसा भारती ने आगे लिखा की इस तरह कोई लड़का यह क्यूँ बताये की वो तम्बाकू खरीद रहा है या शराब. अपने तर्कों के पक्ष में मीसा भारती ने एक खबर को रीट्वीट किया जिसमे यह बताया गया था की अगर सारे देश में लेनदेंन डिजिटल हो जायेगा तो हमारी गोपनीयता की रक्षा कैसे हो जाएगी. मालूम हो की सरकार देश में डिजिटल ट्रांसेक्सन को बढ़ावा देने के लिए काफी प्रयास कर रही है.


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