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लखनऊ | बसपा सुप्रीम मायावती आज मोदी सरकार और बीजेपी पर जमकर बरसी. मायवती ने बसपा के खातो की जांच करने को एक साजिश करार देते हुए कहा की अगर मोदी सरकार बसपा के खातो की जांच कर रही है तो बीजेपी भी बताये की उसने नोट बंदी के बाद कितने पैसे बैंक खाते में जमा कराये. मायवती ने मोदी सरकार को दलित विरोधी बताते हुए कहा की वो नही चाहते की उत्तर प्रदेश की बागडौर एक दलित संभाले.

दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा मायवती के भाई आनंद कुमार और बसपा के खातो की जांच करने को लेकर आज मायावती ने एक प्रेस कांफ्रेंस की. इसमें मायावती ने कहा की हमारी पार्टी ने नियमो के तहत बैंक में पैसा जमा कराया. यह पैसा अगस्त से नवम्बर के बीच का है. हमारी पार्टी की सदस्यता लेते समय जो भी चंदा आता है वो ज्यादातार बड़े नोट में होता है.

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मायवती ने आगे कहा की अगस्त से नवम्बर के बीच पार्टी दफ्तर में काफी पैसा इकठ्ठा हो गया. हम नवम्बर में दिल्ली आकर सभी पैसो का हिसाब किताब होने के बाद बैंक खाते में जमा कराया जाता लेकिन इसी बीच नोट बंदी हो गयी. मायवती ने तंज भरे में लहजे में कहा की क्या सभी पैसो को बाहर फेंक देते. हमने जितना भी पैसा बैंक में जमा किया उसका एक एक पैसे का हिसाब हमारे पास है.

दरअसल इनकम टैक्स विभाग ने जब करोलबाग के यूनियन बैंक में छापा मारा तो पता चला की इस बैंक में बसपा और मायवती के भाई आनंद कुमार का खाता है. जांच में पाया गया की नोट बंदी के बाद बसपा के खाते में 104 करोड़ और आनंद कुमार के खाते में 1 करोड़ 34 लाख रूपए जमा हुए. इतनी भारी भरकम राशी जमा होने पर आयकर विभाग ने यह मामला प्रवर्तन निदेशालय को सौप दिया. फिलहाल ED मामले की जांच कर रहा है.

ED की जांच से घबराई मायावती ने बीजेपी को चुनौती दी की अगर वो बसपा के खातो की जाँच कर रहे है तो बीजेपी के खातो के भी जांच होनी चाहिए. बीजेपी बताये की नोट बंदी के बाद उसने अपने खाते में कितने पुराने नोट जमा कराये. मायवती ने कुछ मीडिया घरानों के ऊपर भी आरोप लगाया की वो बसपा और उनकी छवि धूमिल करने के लिए इस खबर को चला रहे है.

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