Tuesday, August 3, 2021

 

 

 

एमपी, उत्तराखंड में सपा और बसपा साथ-साथ, बिहार में मायावती का अकेले चुनाव लड़ने का फैसला

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नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव से पहले फिर महागठबंधन को झटका देते हुए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने बिहार में अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी की है। बसपा ने राज्य की सभी 40 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की घोषणा कर दी है। इसको लेकर बसपा की अध्यक्ष मायावती ने राज्य के नेताओं की दिल्ली में बैठक बुलाई है।

बसपा के प्रदेश अध्यक्ष भरत बिंद ने सोमवार को बताया कि पार्टी अध्यक्ष मायावती ने इस साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए बिहार को निर्देश जारी किया है, जिसके मुताबिक पार्टी सभी 40 सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ेगी। उन्होंने बताया कि पूरे राज्य में बसपा के जनाधार और सक्रियता को बढ़ाने का प्रयास प्रारंभ कर दिया गया है।

हालांकि मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में भी पार्टी समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर लोकसभा का चुनाव लड़ेंगी। इस गठबंधन के तहत मध्य प्रदेश में समाजवादी पार्टी महज तीन सीटों- बालाघाट, टीकमगढ़ और खजुराहो सीट पर चुनाव लड़ेगी। बाकी सभी सीटों पर बसपा के प्रत्याशी मैदान में होंगे। उधर उत्तराखंड में सपा के खाते में एक सीट गई है। गठबंधन के तहत सपा गढ़वाल (पौड़ी) लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेगी। शेष चार सीटों पर बसपा उम्मीदवार मैदान में होंगे।

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इससे पहले उत्तर-प्रदेश में समाजवादी पार्टी से गठबंधन कर पार्टी चुनाव लड़ रही है। यूपी की कुल 80 लोकसभा सीटों में से सपा 37 और बसपा 38 सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ेगी। अमेठी और रायबरेली की सीट पर गठबंधन ने प्रत्याशी न उतारने का फैसला किया है।

2014 के लोकसभा चुनाव बसपा के लिए एक बुरे स्वप्न की तरह रहा, जब पार्टी को एक भी सीट नसीब नहीं हुई. वहीं समाजवादी पार्टी को भी सिर्फ पांच और कांग्रेस को दो सीटें मिलीं थीं। जबकि बीजेपी और सहयोगी दल को कुल मिलाकर 73 सीट मिली थी। अब  इस बार 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी से मुकाबले के लिए यूपी के दोनों प्रमुख दल सपा-बसपा दल साथ आए हैं।

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