लखनऊ: बसपा सुप्रीमो मायावती बीजेपी के समर्थन से तीन बार सीएम बनी, लेकिन अब उन्हें इस पार्टी पर दलितों के आरक्षण को लेकर एतबार नहीं रहा। शुक्रवार को मायावती ने कहा कि पीएम मोदी बार-बार सफ़ाई दे रहे हैं कि आरक्षण को कोई छीन नही सकता है, लेकिन अब इन लोगों पर विश्वास नही किया जा सकता है। वास्तव में, यह सब जुमलेबाजी है जैसा कि उन्होंने विदेशों से काला धन देश में वापस लाकर हर भारतीय के अकाउंट में 15-15 लाख रुपए डालने को लेकर की थी।

दलित आरक्षण खत्म करना चाहते हैं मोदी
-मायावती ने कहा कि पीएम मोदी डॉ. भीमराव अम्बेडकर के नाम पर दलित आरक्षण को खत्म करना चाहते हैं।
-अम्बेडकर स्मारक और संग्रहालय बनाने की आड़ में दलित समाज के आरक्षण और कानूनी अधिकारों को समाप्त करने की साजिश रची जा रही है।
-इस साजिश से देश की जनता खासकर यूपी, उत्तराखंड और पंजाब आदि राज्यों के लोगों को बेवकूफ बनाया जा रहा है।
-इससे लोगों को सावधान रहने की जरूरत है।

 व्यर्थ की बयानबाजी करने वालों पर लगाएं अंकुश
-मायावती ने पीएम मोदी को नसीहत दी।
-उन्होंने कहा कि मोदी आरक्षण पर सफाई देते रहते हैं।
-मोदी पहले अपनी पार्टी, सरकार और आरएसएस के लोगों पर अंकुश लगाएं जो आरक्षण को लेकर गलत बयानबाजी करते हैं।

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सरकार की विफलताओं पर पर्दा डालने के लिए अपना रहे हथकण्डा
-मायावती ने कहा कि मोदी अपनी सरकार की विफलताओं पर पर्दा डालने के लिये साम, दाम, दण्ड, भेद की नीति अपना रहे हैं।
-आरक्षण का 50 प्रतिशत लाभ भी उपेक्षित और शोषित लोगों को अब तक नहीं पहुंचाया जा सका है।
-आरएसएस और भाजपा में जातिवादी मानसिकता रखने वाले लोगों ने कभी भी दलितों के मसीहा डॉ. अम्बेडकर का भला नहीं होने दिया। (newztrack)

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