मायावती का अखिलेश पर बड़ा हमला – लोकसभा चुनाव में नहीं देना चाहते थे मुस्लिमों को ज्यादा टिकट

10:38 am Published by:-Hindi News

सपा-बसपा गठबंधन टूटने के बाद पहली बार बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोला है। मायावती ने कहा कि मैंने मतगणना के दिन अखिलेश यादव को कॉल किया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद जब पार्टी ने विधानसभा उपचुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया तो अखिलेश यादव ने बीएसपी नेता सतीश चंद्र मिश्र को बुलाया, लेकिन मुझसे बात नहीं की।

उन्होने आरोप लगाया कि अखिलेश नहीं चाहते थे कि लोकसभा चुनाव में मुस्लिमों को अधिक टिकट दिए जाएं। उन्हें डर था कि इससे वोटों का ध्रुवीकरण होगा, जबकि वह चाहती थी कि अधिक टिकट दिए जाएं। उन्होंने कहा कि अखिलेश ने सतीश चंद्र मिश्र से मुझे मैसेज भिजवाया कि मैं मुस्लिमों को टिकट न दूं, क्योंकि उससे और ध्रुवीकरण होगा।

सपा पर हमला बोलते हुए मायावती ने कहा, ‘‘10 लोकसभा सीटों पर बीएसपी की जीत के लिए सपा कार्यकर्ता खुद को क्रेडिट दे रहे हैं, लेकिन सच यह है कि अगर सपा 5 सीटें जीत पाई है तो उसकी वजह हमारी पार्टी का समर्थन है।’’ मीटिंग में मायावती ने सपा नेता व कार्यकर्ताओं पर धोखा देने व बीएसपी को हराने के लिए काम करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि बसपा के प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाहा को सलेमपुर सीट पर विधायक दल के नेता राम गोविंद चौधरी ने हराया, लेकिन अखिलेश ने उनपर कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि भितरघात होता रहा और अखिलेश ने भीतरघात करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की। अगर यादवों का पूरा वोट गठबंधन को मिलता तो बदायूं, फिरोजाबाद और कन्नौज जैसी सीटें सपा न हारती। इससे साफ है कि यादव का अधिकतर वोट भाजपा को ट्रांसफर हुआ।

दूसरी ओर समाजवादी पार्टी ने मायावती के आरोपों का विरोध करते हुए कहा है कि अखिलेश यादव का चरित्र धोखा देने वाला नहीं है। सपा ने गठबंधन धर्म पूरी ईमानदारी से निभाया। मायावती ने अब बसपा नेता लोकसभा कुंवर दानिश अली और नेता राज्यसभा सतीश चंद्र मिश्र को विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए अहम जिम्मेदारी सौंपी है। दोनों नेता यूपी विधानसभा की सुरक्षित सीटों पर भाईचार कमेटियां खड़ी करेंगे।

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