भागवत के बयान से मचा बवाल, मायावती बोली – संघ अपनी आरक्षण-विरोधी मानसिकता…

6:19 pm Published by:-Hindi News

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि जो आरक्षण के पक्ष में हैं और जो इसके खिलाफ हैं उन लोगों के बीच इस पर सद्भावपूर्ण माहौल में बातचीत होनी चाहिए।

इस बयान के बाद सियासी संग्राम छिड़ गया है। कांग्रेस ने आरएसएस और बीजेपी पर दलित-पिछड़ा विरोधी होने का आरोप लगाया। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि गरीबों के आरक्षण को खत्म करने के षड्यंत्र व संविधान बदलने की अगली नीति बेनकाब हो गई है। गरीबों के अधिकारों पर हमला, संविधान सम्मत अधिकारों को कुचलना, दलितों-पिछड़ों के अधिकार छिनना, यही असली भाजपाई एजेंडा है।

वहीं  बसपा सुप्रीमो मायावती (BSP Supremo Mayawati) ने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है। उन्‍होंने ट्वीट कर कहा है कि आरएसएस अपनी आरक्षण विरोधी मानसिकता को त्याग दे तो ही बेहतर होगा।

मायावती ने ट्वीट किया, ‘आरएसएस का एससी/एसटी/ओबीसी आरक्षण के संबंध में यह कहना कि इसपर खुले दिल से बहस होनी चाहिए, संदेह की घातक स्थिति पैदा करता है। इसकी कोई जरूरत नहीं है। आरक्षण मानवतावादी संवैधानिक व्यवस्था है, जिससे छेड़छाड़ अनुचित और अन्याय है। संघ अपनी आरक्षण-विरोधी मानसिकता त्याग दे तो बेहतर है।’

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