बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज आरोप लगाया कि सरकारी बैंकों के अरबों-खरबों रूपये का गबन करने वाले बड़े पूंजीपति सरकार की मिलीभगत के कारण देश से फरार होने में सफल हो रहे हैं.

मायावती ने एक बयान में कहा, ‘बड़े-बड़े पूँजीपति व धन्नासेठ अपने निजी स्वार्थ व लाभ के लिए देशहित से घिनौना खिलवाड़ करते हुए सरकारी बैंको का अरबों-खरबों रुपयों का ग़बन कर रहे हैं और सरकार की संलिप्तता के कारण वे देश से फरार होने में सफल हो रहे हैं .’

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उन्होंने कहा कि कुछ मुठ्ठी भर बड़े-बड़े पूंजीपतियों व धन्नासेठों के हित में तो लगातार काम किये जा रहे हैं परन्तु देश के सवा सौ करोड़ ग़रीबों, मज़दूरों, किसानों, युवाओं, बेरोज़गारों व अन्य मेहनतकश लोगों से किए गए ’अच्छे दिन’ के वायदे क्यों नहीं पूरे किए जा रहे हैं जबकि इनमें ही देश का असली हित निहित है.

मायावती ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा कोयला क्षेत्र का निजीकरण करके निजी कम्पनियों को कोयला खदानों में उत्पादन और इस्तेमाल की अनुमति देने के फैसले को धन्नासेठों का तुष्टीकरण करने की नीति बताया. उन्होंने कहा कि कोयला जैसी महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्पत्ति का दोहन करने के लिए इसका निजीकरण करना चिन्ता की बात हैं.

उल्लेखनीय है कि हाल ही में केन्द्र सरकार ने कोयला खनन क्षेत्र निजी कंपनियों के लिए खोल दिया है. कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि इससे कोयला क्षेत्र की क्षमता बढेगी और इसे एकाधिकार से हटाकर प्रतिस्पर्धा के युग में लाया जा सकेगा.