उत्तरप्रदेश में बीजेपी से मिली करारी हार के बाद अब बसपा प्रमुख मायावती ने किसी भी बीजेपी विरोधी दल के साथ हाथ मिलाने की घोषणा कर दी हैं.

आज डॉ, भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर लखनऊ में मायावती ने कहा कि भाजपा और ईवीएम मशीन को लेकर चल रहे अभियान में अगर उन्हें विपक्ष की मदद लेनी पड़ेगी तो उनको कोई दिक्कत नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी चुनाव में लगभग 250 सीटों पर ईवीएम मशीन के साथ छेड़छाड़ की गई.

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उन्होंने 11 अप्रैल को ईवीएम के विरोध में बसपा के धरना प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि अगर ईवीएम के मुद्दे पर बाकी विपक्षी दल साथ आते हैं तो वो इसे आगे बढ़ाएंगी. बसपा प्रमुख ने कहा, ‘षड्यंत्र के तहत मुझे निशाना बनाया जा रहा है ताकि मैं इनके द्वारा ईवीएम में की गई गड़बड़ी के खिलाफ बोलना बंद कर दूं  ये इनकी बहुत बड़ी भूल है. मैं कदम पीछे खींचने वाली नहीं हूं.’

मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार को इस शर्त के साथ बीएसपी उपाध्यक्ष बनाया कि वो कभी सांसद, विधायक या मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे. उन्होंने कहा, वह पार्टी में हमेशा नि:स्वार्थ भावना से कार्य करता रहेगा और कभी भी सांसद, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री आदि नहीं बनेगा.

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