2019 में लोकसभा चुनाव को लेकर काँग्रेस विपक्षी एकता के सपने देख रही है। लेकिन बसपा की और से एक के बाद एक काँग्रेस को बड़े झटके मिल रहे है। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में गठबंधन से अलग रहने वाली मायावती ने अब महाराष्ट्र में भी काँग्रेस किनारा कर लिया है।

महागठबंधन से इतर मायावती महाराष्ट्र की रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया सहित तीन दलों से हाथ मिलाकर चुनाव में उतरना चाहती हैं। शनिवार को अपने दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच हुई बैठक के बाद, बसपा और आरपीआई ने “गठबंधन बनाने के लिए संभावनाओं का पता लगाने” पर सहमति व्यक्त की है।

बसपा प्रमुख मायावती और आरपीआई प्रमुख राजेंद्र गावई के बीच गठबंधन की संभावना का महत्त्व अब और भी बढ़ जाता है क्योंकि प्रकाश अम्बेडकर के भारिप बहुजन महासंघ और असाउद्दीन ओवैसी की अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने भी लोक सभा चुनाव के लिए महाराष्ट्र में गठबंधन करने का ऐलान किया है।

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बसपा नेताओं से मुलाकात के बाद गवई ने बताया, बीएसपी और आरपीआई गठंधन की संभावनाओं की तलाश में हैं। हमारी शुरुआती स्तर पर बात हुई है। मैंने 10 लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव रखा है। अब इसे पार्टी प्रमुख मायावती के सामने रखा जाएगा।

हालांकि, गवई ने यह भी कहा कि विकल्प खुले हुए हैं और वह सिर्फ बसपा के साथ ही बात नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, इसका मतलब यह नही कि हम कांग्रेस और एनसीपी के साथ नहीं कर रहे। हमने सारे विकल्प खुले रखे हुए हैं।

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