लखनऊ. उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव (Rajyasabha Election) के दौरान बहुजन समाज पार्टी  (BSP) में टूट से नाराज मायावती (Mayawati) ने गठबंधन के पूर्व सहयोगी अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को निशाने पर लेते हुए कहा कि सपा को हराने के लिए अगर जरूरत पड़ी तो बीजेपी को भी वोट देंगे।

दरअसल, बसपा के सात विधायकों ने बुधवार को बगावत करते हुए राज्यसभा उम्मीदवार रामजी लाल गौतम का विरोध किया था। जिसके बाद पार्टी प्रमुख मायावती ने अपनी पार्टी के सात बागी विधायकों को निलंबित कर दिया। बसपा के इन सभी विधायकों ने बगावत कर अखिलेश यादव से मुलाकात की थी।

मायावती के इस बयान परकांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने बसपा सुप्रीमो के वीडियो को साझा कर कहा कि क्या अब और कुछ कहना बाकी रह गया है। प्रियंका गांधी ने ट्वीट के साथ मायावती का वीडियो भी शेयर किया है। जिसमें वह सपा को हराने के लिए बीजेपी समेत अन्य पार्टियों को वोट देने की बात कर रही हैं।

दूसरी और सपा के राष्ट्रीय सचिव एवं प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि मायावती का बयान इस बात की स्वीकारोक्ति है कि उनकी भाजपा से पहले ही सांठगांठ थी। उन्होंने कहा कि भाजपा से इसी अंदरूनी समझौते की वजह से मायावती ने विधानसभा में पर्याप्त संख्या बल ना होने के बावजूद अपना प्रत्याशी मैदान में उतारा और अब यह कहकर कि राज्यसभा चुनाव में सपा को हराने के लिए वह भाजपा तक का समर्थन कर सकती हैं, बसपा प्रमुख ने अपनी पोल खुद ही खोल दी है।

चौधरी ने कहा कि मात्र 18 विधायकों वाली बसपा के पास अब विधानसभा में केवल 10-11 विधायक ही हैं, जबकि राज्यसभा के एक प्रत्याशी को जिताने के लिए 38 विधायकों का समर्थन जरूरी है। इसके बावजूद मायावती ने रामजी लाल गौतम को उम्मीदवार बनाया। ऐसा करने से पहले उन्होंने विपक्ष के किसी भी दल से समर्थन नहीं मांगा। दूसरी ओर, भाजपा ने नौ सीटें जीतने की स्थिति में होने के बावजूद आठ उम्मीदवार ही उतारे। उसी वक्त जाहिर हो गया था कि मायावती की भाजपा से सांठगांठ हो चुकी है।

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