Sunday, August 1, 2021

 

 

 

मन की बात करने के बजाय पीएम मोदी अब सुने जनता की मन की बात: उमर कासमी

- Advertisement -
- Advertisement -

भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस सचिव मौलाना उमर कासमी ने लॉकडाउन के बीच प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ के जारिए देश को किए संबोधन पर तंज़ कसा है। उन्होने कहा कि ये समय प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ करने का नहीं बल्कि जनता की ‘मन की बात’ सुनने का है।

उन्होने कहा कि देश में लॉकडाउन के बीच कोरोना के तेजी से मामले बढ़ रहे है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कोरोना का ‘कम्युनिटी ट्रांसमिशन’ शुरू हो चुका है। लेकिन सरकार के पास लॉकडाउन के अलावा कोई रणनीति नहीं है। सवा अरब की आबादी वाले देश में सिर्फ 40 हजार ही टेस्ट किए जा रहे है। ऐसे में कोरोना के मामले में तब सामने आ रहे है। जब वे लोग अन्य को भी संक्रमित कर दे रहे है।

कासमी ने कहा कि देश के कई हिस्सों में 80 फीसदी कोरोना से संक्रमित लोगों में कोरोना के लक्षण ही नहीं दिखाई दिये। जो चिंता का विषय है। उन्होने कहा कि बिना टेस्टिंग बढ़ाए कोरोना के मामलों को पकड़ा ही नहीं जा सकता। उन्होने कहा कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति को ही पता नहीं है कि वह खुद कोरोना से पीड़ित है। ऐसे में उसके जरिये दुसरो के बीच भी कोरोना के संक्रमण का खतरा बरकरार है।

कांग्रेस सचिव ने कहा कि मोदी सरकार को सभी राज्य सरकारों के साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइडलाइंस के अनुरूप राष्ट्रव्यापी नीती बनानी चाहिए। इसके साथ ही सिंगापूर, ताइवान, साउथ कोरिया जैसे देशों के कोरोना मॉडल पर विचार करना चाहिए।

कांग्रेस सचिव ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से आर्थिक संकट पैदा हो गया है। करोड़ों नौकरियां जा चुकी है। लोगों के पास खाने को नहीं है। ऐसे में मोदी सरकार को कठोर फैसला लेना चाहिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles