कांग्रेस को ले डूबा अपना अहंकार, ओवैसी-आंबेडकर की वजह से एनडीए ने जीती कई सीटें

11:04 am Published by:-Hindi News

छोटे दलों के साथ गठबंधन के इंकार कांग्रेस को ले डूबा है। जिसके चलते महाराष्ट्र में भी कांग्रेस को अप्रत्याशित हार का मुंह देखना पड़ा। बता दें कि राज्य में एनसीपी को 4 और कांग्रेस को सिर्फ एक सीट मिली है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(रांकपा) प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटील ने कही कि प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन आघाडी की वजह से उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा है। जयंत पाटिल ने हार पर कहा,”लोकसभा चुनाव के शुरुआत में ही हमने वंचित बहुजन आघाडी से चर्चा की थी। लेकिन चर्चा के बीच में ही उन्होंने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए। हमारे साथ गठबंधन किए बगैर सभी 48 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए। कुछ जगहों पर वंचित बहुजन आघाडी के उम्मीदवारों को अच्छे वोट मिले हैं। उसका नुकसान हमें उठाना पड़ा।”

शुक्रवार को प्रदेश राकांपा कार्यालय में बातचीत में पाटील ने कहा विधानसभा चुनाव के लिए हम प्रकाश आंबेडकर से चर्चा करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि विधानसभा चुनाव में लोकसभा चुनाव जैसे परिणाम नहीं आएंगे। लोकसभा चुनाव परिणाम को आश्चर्यजनक बताते हुए प्रदेश राकांपा अध्यक्ष पाटील ने कहा है कि सभी मतदान केंद्रों पर एक जैसे परिणाम कैसे संभव है। उन्होंने कहा कि इसका गहराई से अध्ययन कर रहे हैं।

चुनाव प्रचार के दौरान जब मैं चुनाव क्षेत्रों में गया था, उस वक्त वातावरण हमारे अनुकुल दिखाई दे रहा था। हमें 9 से 12 सीट मिलने की उम्मीद थी। लेकिन जो चुनाव परिणाम आए हैं, वह विचलित करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों से बातचीत करने पर अलग-अलग तथ्य सामने आ रहे हैं। हालांकि हार अंतिम सत्य है। जनता का फैसला हमें मान्य है। राकांपा नेता ने कहा कि हातकणंगले से राजू शेट्टी की हार धक्कादायक है। राजू शेट्टी की सभाओं में जुटने वाली भीड़ से विपक्षी परेशान थे। इसके बावजूद उन्हे भी हार का सामना करना पड़ा।

हालांकि प्रकाश आंबेडकर का कहना है कि, ‘वंचित बहुजन अगाड़ी ने अपनी रणनीति और एजेंडा तैयार किया था जिसके केंद्र में दबे कुचले और समुदाय के पिछड‌े़ वर्ग के लोग थे। हमारी लड़ाई बीजेपी-शिवसेना और कांग्रेस-एनसीपी के साथ थी। मैं शुरुआत से कांग्रेस व एनसीपी के साथ गठबंधन के लिए खुला था। जवाब उन्हें देना है कि यह कवायद नाकाम क्यों हुई?’ वीबीए की बात करें तो मोर्चे को बस औरंगाबाद सीट पर जीत मिली है। हालांकि, इस मोर्चे की वजह से कांग्रेस और एनसीपी गठबंधन के प्रत्याशियों को नांदेड़, उस्मानाबाद, परभनी, अकोला, गढ़चिरौली-छिमूर, सोलापुर और हातकंगाले में हार का सामना करना पड़ा। नांदेड़ में चव्हाण 42 हजार वोटों से हारे, जबकि वीबीए के प्रत्याशी यशाल भिंज को 1,64,000 वोट मिले। परभनी में एनसीपी के राजेश वितेकर को 42,189 वोटों से हारना पड़ा। यहां वीबीए के प्रत्याशी एआईएमआईएम नेता आलमगीर खान को 1,49,946 वोट मिले।

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