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नई दिल्ली | अमित शाह के बेटे जय शाह पर न्यूज़ वेबसाइट ‘द वायर’ के खुलासे के बाद राजनीतिक घमसान शुरू हो चूका है. जहाँ कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल लगातार इस मामले में मोदी सरकार पर जांच कराने का दबाव बना रहे है वही जय शाह का बचाव करने के लिए बीजेपी ने मोदी सरकार के कई मंत्रियो को मैदान में उतार दिया है. इनमे रेल मंत्री पियूष गोयल, स्मृति इरानी और अनंत कुमार शामिल है.

यही नही सोमवार को उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने भी इस मामले में एक प्रेस कांफ्रेंस कर जय शाह का बचाव किया. कांग्रेस पार्टी के हमलवार रुख के बीच रेल मंत्री पियूष गोयल ने आरोप लगाया की अमित शाह की छवि को खराब करने के लिए जय शाह को फंसाया जा रहा है. पियूष गोयल ने इस मामले की सोनिया गाँधी के दामाद रोबर्ट वाड्रा के कारोबारी लेनदेन से तुलना करने से भी इनकार किया.

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उन्होंने कहा की इस मामले को लेकर बीजेपी का अन्तः करण बिलकुल साफ़ है. यही वजह है की जय शाह ने ‘द वायर’ के खिलाफ खबर आने के तुरंत बाद 100 करोड़ रूपए का मानहानि का मामला दायर कर दिया. जबकि रोबर्ट वाड्रा ने अपनी ईमानदारी साबित करने के लिए ऐसा कुछ भी नही किया. न ही वो अदालत गए और न ही कांग्रेस ने न्यायमूर्ति धींगरा समिति की रिपोर्ट को सामने आने दिया.

मालूम हो की ‘द वायर’ की संपादक रोहिणी सिंह ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था की अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनी का टर्नओवर, मोदी सरकार आने और अमित शाह के बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद करीब 16 हजार गुणा बढ़ गया. पहले इस कंपनी का टर्न ओवर 50 हजार रूपए था जो कुछ महीने में ही बढ़कर 80 करोड़ पहुँच गया. रिपोर्ट सामने आने के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी ने ट्वीट कर अमित शाह के बेटे को ‘शाह -जादा’ करार दिया. यही नही उन्होंने मोदी द्वारा खुद को चौकीदार कहने पर भी तंज कसा.

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