नई दिल्ली | पिछले कुछ दिनों से ईवीएम् में कथित छेड़छाड़ को लेकर काफी बहस चल रही है. बीजेपी को छोड़कर सभी विपक्षी दलों का आरोप है की ईवीएम् में छेड़छाड़ संभव है. इसी मामले को लेकर बसपा और कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया है. पंजाब में प्रचंड जीत हासिल करने के बाद भी कांग्रेस ने ईवीएम् पर सवाल उठाये है लेकिन पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर अपनी ही पार्टी से इत्तेफाक नही रखते.

कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा की ईवीएम् में छेड़छाड़ संभव नही है. अगर ऐसा होता तो मैं पंजाब का मुख्यमंत्री नही होता. इसकी जगह पर अकाली-बीजेपी गठबंधन लगातार तीसरी बार पंजाब में सरकार बना रही होती. अमरिंदर की जुदा राय के बाद कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया.

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मनीष तिवारी ने अमरिंदर को उनकी पुरानी बाते याद कराते हुए ट्वीट किया,’ 2010 और उससे भी पहले 2001 में जब अमरिंदर सिंह पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष थे, तब खुद उन्होंने करके बताया था की ईवीएम् में छेड़छाड़ कैसे की जा सकती है? इसके अलावा कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग के ओपन चैलेंज पर तंज कसा है. उन्होंने एक के बाद एक ट्वीट करके चुनाव आयोग के चैलेंज पर ही सवाल खड़े कर दिए.

उन्होंने अपने पहले ट्वीट में लिखा,’चुनाव आयोग सभी को ईवीएम से छेड़छाड़ करके दिखाने की चुनौती देता है. हैकिंग करने वाले जबरदस्त बिजनस कर रहे हैं, वे खुद को क्यों सामने आने देंगे? अपने अगले ट्वीट में उन्होंने कहा,’सबसे ज्यादा फायदा तो बीजेपी और हैकरों का हो रहा है तो वे क्यों सोने के अंडे देने वाली मुर्गी को मारेंगे? क्या आप सोचते हैं कि बीजेपी और हैकर्स मूर्ख हैं? चुनाव आयोग इतना अनाड़ी क्यों बन रहा है?’

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