पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर देश में चार राजधानी की मांग उठाते हुए कहा कि भारत में चार रोटेटिंग राजधानियां होनी चाहिए। अंग्रेजों ने कोलकाता में रहते हुए पूरे देश में राज किया था। देश में सिर्फ एक राजधानी ही क्यों रहे?

एक रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, ”एक समय कोलकाता देश की राजधानी थी, तो एक बार फिर से शहर को भारत की दूसरी राजधानी के रूप में घोषित नहीं किया जाना चाहिए? कोलकाता को देश की दूसरी राजधानी बनानी ही होगी।”

उन्होंने एक और बयान देते हुए कहा की संसद के चारों सत्र को देश के अलग-अलग जगहों पर आयोजित किया जाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर तंज भी कसा और कहा कि एक देश, एक नेता, एक राशन कार्ड और एक पार्टी के विचार को बदलने की जरूरत है।

ममता बनर्जी ने आगे कहा कि दक्षिण भारत के राज्य जैसे- तमिलनाडु, कर्नाटक या केरल में भी एक राजधानी बननी चाहिए। अगली राजधानी- उत्तर प्रदेश, पंजाब या राजस्थान में होनी चाहिए। वहीं, एक बिहार, ओडिशा या फिर कोलकाता में होनी चाहिए।

सुभाष चंद्र बोस को उनकी 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में श्रद्धांजलि देते हुए ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा कि नेताजी एक सच्चे नायक थे और सभी लोगों की एकता में विश्वास रखते थे। मुख्यमंत्री ने ट्वीट करते हुए कहा, “हम देश नायक दिवस दिबस के तौर पर इस दिन को मना रहे हैं। वह लोगों की अखंडता पर यकीन रखते थे।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “राजारहाट में आजाद हिंद फौज के नाम से एक स्मारक का निर्माण किया जाएगा। नेताजी के नाम से एक विश्वविद्यालय की भी स्थापना की जाएगी, जो पूरी तरह से राज्य द्वारा वित्तपोषित होगा और विदेशी विश्वविद्यालयों संग इसका करार भी होगा।”