ममता बनर्जी ने मानी सारी मांगें, डॉक्टर बोले – बातचीत को तैयार, जगह बाद में करेंगे तय

10:27 am Published by:-Hindi News

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में जारी डॉक्टरों की हड़ताल के बीच सीएम ममता बनर्जी ने शनिवार की शाम को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डॉक्टरों से काम पर लौटने की अपील की. उन्होंने कहा कि हम किसी तरह का बल प्रयोग नहीं कर रहे हैं. सारी मांगे मान ली है. डॉक्टरों को सदबुद्धि मिले. उन्होंने कहा कि किसी संवैधानिक पद पर बैठे शख़्स से बातचीत करने के लिए सरकारी दफ्तर सबसे बेहतर जगह है.

दूसरी और आंदोलन कर रहे डॉक्टरों ने कहा कि वे प्रदर्शन खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बातचीत को तैयार हैं लेकिन मुलाकात की जगह वे बाद में तय करेंगे. इससे पहले शाम में उन्होंने राज्य सचिवालय में बनर्जी के साथ बैठक के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था और इसकी बजाए उनसे गतिरोध सुलझाने को लेकर खुली चर्चा के लिए एनआरएस मेडिकल कॉलेज अस्पताल आने को कहा था.

फोरम के प्रवक्ता ने कहा, “हम हमेशा से बातचीत के लिए तैयार हैं। अगर मुख्यमंत्री एक हाथ बढ़ाएंगी तो हम हमारे 10 हाथ बढ़ाएंगे.. हम इस गतिरोध के खत्म होने की तत्परता से प्रतीक्षा कर रहे हैं.” प्रदर्शनरत डॉक्टरों ने कहा कि वे बैठक के लिए प्रस्तावित स्थान को लेकर अपने संगठन के फैसले का इंतजार करेंगे.

यह है मामला

बीते सोमवार को 75 साल के मोहम्मद सईद की एनआरएस मेडिकल कालेज अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन के बाद उसके परिजनों और पड़ोसियों ने दो जूनियर डॉक्टरों की पिटाई कर दी थी. उनका आरोप था कि जूनियर डॉक्टरों के गलत इंजेक्शन की वजह से ही मरीज की मौत हुई है. इस मारपीट में दो जूनियर डॉक्टरों को गहरी चोटें आई थीं. उनमें से एक को सिर में गंभीर चोट आई थी और उसका आपरेशन करना पड़ा है. उसके बाद तमाम डॉक्टरों ने आंदोलन शुरू कर दिया था.

ये शर्तें रखीं हैं 

1. मुख्यमंत्री डॉक्टरों को लेकर दिए गए बयान पर बिना शर्त माफी मांगे
2. डॉक्टरों पर हुए हमले की निंदा करते हुए एक बयान जारी करें
3. हिंसा के बाद पुलिस की निष्क्रियता की जांच होनी चाहिए
4. डॉक्टरों पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए
5. जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों पर लगाए झूठे आरोपों वापस लिए जाएं
6. अस्पतालों में सशस्त्र पुलिसकर्मियों की तैनाती की जानी चाहिए

भाजपा का आरोप- ममता आरोपियों को बचा रहीं

बंगाल जूनियर डॉक्टर जॉइंट फोरम के प्रवक्ता अरिंदम दत्ता ने कहा, ‘‘हम मुख्यमंत्री के न्योते पर सचिवालय में बैठक के लिए नहीं जाएंगे। वे खुद एनआरएस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल आएं। यहां वे अपने उस बयान के लिए मांफी मांगें, जो उन्होंने एसएसकेएम अस्पताल में गुरुवार को दिया था।’’ वहीं, बंगाल भाजपा ने आरोप लगाया है कि डॉक्टरों पर हमला करने वाले आरोपी मुस्लिम समुदाय से हैं और ममता बनर्जी उन्हें बचाने की कोशिश कर रही हैं।

17 जून को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने 14 जून से तीन दिनों तक देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करने के साथ 17 जून को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया था। आईएमए ने अस्पतालों में डॉक्टरों के खिलाफ होने वाली हिंसा की जांच के लिए कानून बनाने की मांग की। संगठन का कहना है कि इसका उल्लंघन करने वालों को कम से कम 7 साल जेल की सजा का प्रावधान होना चाहिए।

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