भाजपा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे पत्र के संदर्भ में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने बीजेपी को निशाने पर लेते हुए कहा कि वह देश का राष्‍ट्रगान बदलना चाहते हैं। जिसका पश्चिम बंगाल की जनता माकूल जवाब देगी। वह हमारे देश का इतिहास बदलना चाहते हैं और राष्ट्रगान बदलने की बात कह रहे हैं।

सीएए और एनपीआर को लेकर उन्होने कहा कि किसी को भी इनसे डरने की जरूरत नहीं है। हमने पश्चिम बंगाल में शरणार्थियों को कॉलोनियों को मान्‍यता दी है। उन्होंने भाजपा को निशाने पर लेते हुए कहा कि भगवा दल ने समुदायों के बीच दंगों और नफरत का नया धर्म बनाया।

उन्होने कहा, भाजपा कभी भी गोरखालैंड मुद्दे का कोई स्थाई समाधान नहीं खोज सकती, केवल तृणमूल कांग्रेस ऐसा कर सकती है। ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र राज्‍य के आईपीएस अफसरों को अपने यहां बुलाकर राज्‍य के क्षेत्राधिकार में हस्‍तक्षेप कर रहा है। ममता ने केंद्र सरकार को बंगाल में राष्‍ट्रपति शासन लगाने की चुनौती दी।

बनर्जी ने कहा, “अगर भाजपा और केंद्र सरकार सोचती है कि वे केंद्रीय बल यहां लाकर और राज्य कैडर के अधिकारियों का तबादला कर हमें डरा देंगे तो वे गलत सोच रहे हैं। केंद्र हमारे अधिकारियों को तलब कर रहा है…कोई भी उन्हें (नड्डा) या उनके काफिले को चोट पहुंचाना नहीं चाहता था।”

उन्होंने कहा, “उनके काफिले में इतनी कारें क्यों थीं? दोषी अपराधी उनके साथ क्यों थे? जिन गुंडों ने पिछले वर्ष ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ी, वे भी नड्डा के साथ थे… इस तरह के गुंडों को खुला घूमते देखकर लोग क्रोधित हो गए…मैं केंद्र को चुनौती देती हूं कि बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाकर दिखाए।”

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